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राजस्थान के कोटा में सीजेरियन के बाद नौ दिन में तीन प्रसूताओं की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Published: Sun, 25 Oct 2026 10:56 PM (IST)

कोटा में सीजेरियन के बाद प्रसूताओं की मौत का सिलसिला जारी है, नौ दिन में तीन माताओं की जान गई ...और पढ़ें

कोटा में सीजेरियन के बाद नौ दिन में तीन प्रसूताओं की मौत।

कोटा में सीजेरियन के बाद नौ दिन में तीन प्रसूताओं की मौत।

HighLights

  1. कोटा में सीजेरियन के बाद नौ दिन में तीन प्रसूताओं की मौत।

  2. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

  3. पहले नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से भी प्रसूताओं की मौत हुई थी।

जागरण संवाददाता, जयपुर। कोटा में सीजेरियन के बाद प्रसूताओं की मौत का सिलसिला जारी है। इस माह 16 से 23 अक्टूबर यानी नौ दिन में तीन प्रसूताओं की मौत हुई है।

गौरतलब है कि इस वर्ष मई में सीजेरियन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी खराब हो गई थी, जिनमें से उपचार के दौरान पांच की मौत हुई थी। जांच में सामने आया था कि कोटा के सरकारी महिला चिकित्सालय में प्रसूताओं को अधिक रक्तस्राव से रोकने के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन में दवा की जगह पानी भरा गया था। जिसके बाद दवा आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

जेकेलोन अस्पताल में शुक्रवार को बारां जिले की निवासी 26 वर्षीय शबनम बानो का ऑपरेशन हुआ था। ड्रिप चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी थी। डिलीवरी के बाद उसका ब्लड प्रेशर कम हो गया था। शनिवार रात शबनम ने दम तोड़ दिया। स्वजन ने चिकित्सकों समेत अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

इससे पहले कोटा के ही न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 16 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद किडनी फेल होने से रेशमा की मौत हो गई थी। इसके एक दिन बाद 17 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने से रोशन बैरवा ने दम तोड़ दिया था।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मला ने बताया कि प्रसूताओं की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है। इनमें अधिक रक्तस्राव होना और स्वजन द्वारा समय पर महिला को अस्पताल लेकर नहीं पहुंचना शामिल है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अगस्त माह में जोधपुर में छह और बीकानेर में चार प्रसूताओं की मौत के मामले सामने आए थे।