कोटा में मूर्ति विसर्जन के दौरान नाव पलटी, 2 शव बरामद; अन्य दो लोगों की तलाश जारी
राजस्थान के कोटा में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान एक नाव पलटने से दो युवकों के शव बरामद हुए हैं। वहीं बाकी दो लोगों की तलाश जारी है।

कोटा में मूर्ति विसर्जन के लिए जा रही नाव पलटी (फोटो-एएनआइ)
HighLights
कोटा में मूर्ति विसर्जन के दौरान नाव पलटी।
दो शव बरामद, दो अन्य लोग लापता।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ द्वारा बचाव अभियान जारी।
डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के कोटा में दुर्गा माता की मूर्ति विसर्जन समारोह के दौरान सात लोगों को ले जा रही एक नाव पलट गई। इस हादसे में अब तक दो युवकों के शव बरामद किए गए।
बचाव दल ने आज बुधवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया। एएसपी कोटा शहर सुभाष चंद्र मिश्रा और एसडीआरएफ अधिकारी एकता महिपाल ने पुष्टि की कि सुबह 5.30 बजे फिर से शुरू हुए तलाशी अभियान के दौरान कोटा निवासी सूरज सिंह (22) और विकास वर्मा (22) के शव बरामद किए गए।
दो लोगों की तलाश जारी
एएसपी कोटा ने बताया कि शेष दो लापता युवक राहुल जोशी (18) और आशु जोशी (19) की तलाश जारी है, जो चचेरे भाई हैं और कोटा शहर के संजय नगर के निवासी हैं।
यह हादसा बोरेखेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्टील ब्रिज के पास मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ, जब दुर्गा प्रतिमा विसर्जन समारोह के दौरान नाव पलट गई।
नाव पर सवार सात लोगों में से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया। इन तीन लोगों में दीपक नाम का शख्स, मानकंवर की रहने वाली एक महिला और नाविक सुरेश, ये तीनों लोग तैरना जानते थे, इसलिए सुरक्षित रूप से नदी से बाहर निकलने में कामयाब रहे।
बचाव अभियान जारी
एएसपी कोटा शहर सुभाष चंद्र मिश्रा ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार मंगलवार रात 11.30 बजे तलाशी अभियान बंद कर दिया गया और बुधवार सुबह 5.30 बजे फिर से शुरू किया गया।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों चचेरे भाइयों की तलाश पास के पानी में जारी है क्योंकि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें अपने ठोस बचाव प्रयास जारी रखे हुए हैं।
एएसपी कोटा ने कहा कि बरामद किए गए दोनों शव दुर्घटनास्थल से लगभग 200 से 300 मीटर की दूरी पर एक-दूसरे के करीब पाए गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में भेज दिया गया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी मंगलवार रात घटनास्थल का दौरा किया और तलाशी अभियान की निगरानी की।
मूर्ति विसर्जन के लिए प्रतिबंधित जगह पर गए लोग
अधिकारियों ने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए चंबल घाटों और नहरों के किनारे 10-12 स्थानों की पहचान की गई है। बचाव दल तैनात किए गए हैं और इन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, मंगलवार की घटना ऐसे क्षेत्र में हुई जहां बचाव टीमों की तैनाती के बावजूद मूर्ति विसर्जन प्रतिबंधित था।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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