जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के राज्यपाल के रूप में पदभार संभालते ही अपने नाम के आगे से "महामहिम " शब्द हटवाने वाले कल्याण सिंह अब उन्हे मिलने वाला गार्ड आॅफ आॅनर को भी खत्म करवाना चाहते है। राज्यपाल चाहते है कि अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिए प्रोटोकॉल की व्यवस्था के तहत उन्हे गार्ड आॅफ आॅनर नहीं मिले। वे सामान्य नागरिक की तरह रहना चाहते है। राज्यपाल ने प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या गार्ड आॅफ आॅनर हटाया जा सकता है।

राजभवन के दरवाजे आम लोगों के लिए खोलने वाले कल्याण सिंह का मानना है कि गार्ड आॅफ आॅनर और प्रोटोकॉल के लम्बे चौड़े लवाजमें के कारण जिलों में जाते समय वे लोगों से नहीं मिल पाते है। कई लोग उनसे मिलना चाहते है,लेकिन प्रोटोकॉल के कारण वे नहीं मिल पाते है। प्रदेश में राज्यपाल जयपुर में किसी कार्यक्रम में अथवा अन्य किसी जिले में दौरे पर जाते है तो वहां पुलिस के 51 जवानो द्वारा उन्हे गार्ड आॅफ आॅनर दिया जाता है । राज्यपाल की अगुवानी में रेड कारपेट बिछाई जाती है।

लेकिन कल्याण सिंह यह परम्परा खत्म कराना चाहते है,वे सादगी की परम्परा प्रारम्भ करना चाहते है । राजभवन के अधिकारियों के अनुसार सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि 14 दिसम्बर,2014 को राजस्थान के राज्यपाल का पदभार संभालते ही कल्याण सिंह ने अपने नाम के आगे से " महामहिम "हटवाया था । राज्य के सरकारी विश्वविघालयों के कुलाधिपति होने के नाते कल्याण सिंह ने प्रत्येक विवि. के कुलपति को प्रत्येक वर्ष में एक गांव गोद लेने के निर्देश दिए थे ।

उन्होंने दो दिन पहले कुलपतियों से गोद लिए गए गांवों में हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी है । उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता रहे कल्याण सिंह से मिलने प्रतिदिन यूपी से बड़ी संख्या में लागे जयपुर आते है । वहीं प्रदेश के लोग भी राजभवन में अपनी फरियाद लेकर पहुंचते है ।  

By Preeti jha