सुभाष शर्मा, उदयपुर। देश में जारी लॉकडाउन के बाद शुक्रवार को चार सौ से अधिक राजस्थानी ट्रकों के जरिए उदयपुर पहुंचे। जबकि कई लोगों के पैदल आने की जानकारी मिली है। ये सभी गुजरात में मजदूरी के लिए गए थे और वहां उद्योग-धंधे बंद होने के बाद अपने-अपने घरों को लौट रहे हैं।

उदयपुर जिले के हजारों युवक गुजरात के विभिन्न शहरों में मजदूरी करते हैं। कोरोनो वायरस के प्रकोप के चलते देश भर में जारी लॉकडाउन के चलते गुजरात में भी उद्योग-धंधे बंद हो गए हैं और सभी को अपने-अपने घरों पर जाने की हिदायत मिली थी। जिसके बाद राजस्थानी मजदूरों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया। यात्री परिवहन के सभी साधन बंद होने के साथ उनकी मुश्किल बढ़ गई। जिसके बाद वह लोडिंग वाहनों के जरिए आने को मजबूर हो गए। शुक्रवार को उदयपुर के गोवद्र्धनविलास क्षेत्र में चार सौ से अधिक राजस्थानी मजदूर ट्रकों के जरिए उदयपुर पहुंचे। ये सभी लोग सामूहिक रूप से उदयपुर पहुंचे हैं और उनके पास मास्क या अन्य कोई बचाव के साधन भी नहीं थे। इन्हीं यात्रियों में शामिल गोगुंदा क्षेत्र के हकरू मीणा ने बताया कि वह सूरत की साड़ी गोदाम पर काम करता था। उनके मालिक ने उसे दो हजार रुपए दिए और वहां से जाने के लिए कह दिया। उसके साथ सूरत से लगभग साठ युवक यहां लौटे हैं। उसने बताया कि अभी भी सैकड़ों राजस्थानी वहां रह रहे हैं लेकिन वह अपने घरों पर लौटना चाहते हैं।

दो दिन में तय की छह सौ किलोमीटर की यात्रा

राजस्थानी मजदूरों ने बताया कि दो दिन में उन्होंने लगभग छह सौ किलोमीटर की यात्रा तय की है। इस बीच वह कई किलोमीटर पैदल चले तो कई वाहन बदले। जहां से जैसा वाहन मिला, उसमें बैठकर सफर तय करते रहे। उन्होंने बताया कि ट्रक चालकों ने उनसे यहां तक आने के एवज में एक भी पैसा नहीं लिया लेकिन यह सफर ज्यादातर लोगों ने भूखा ही तय किया। उदयपुर आने पर कुछ संस्थाओं के लोगों ने उन्हें भोजन के पैकेट दिए और भोजन नसीब हुआ।

Posted By: Vijay Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस