v>जयपुर,[जागरण संवाददाता]।राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया। बजट में राजकोषिय घाटा 28011 करोड़ 21 लाख रूपए दिखाया गया है। यह राजकोषीय घाटा जीडीपी का 2.98 प्रतिशत है।

बजट में कुल राजस्व आय 151663 करोड़ 50 लाख रूपए रहने की संभावना बताई गई है। वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में ब्याज भुगतान मद में 21412.62 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है जो राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों का 14.12 प्रतिशत है। 
राज्य विधानसभा में सोमवार को जब मुख्यमंत्री बजट पेश कर रही थी तो कांग्रेस विधायकों सहित एक निर्दलिय विधायक ने व्यवधान ड़ालने का प्रयास किया,इससे विधानसभा अध्यक्ष नाराज हो गए । विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के बीच में बोलने को अध्यक्ष ने निंदनिया करार दिया। वहीं निर्दलिय विधायक हनुमान बेनीवाल को मार्शल के जरिए बाहर फिंकवाने की चेतावनी दे डाली। व्यवधान के चलते मुख्यमंत्री को कुछ समय के लिए अपना बजट भाषण छोड़ सीट पर बैठना पड़ा। कांग्रेसी विधायकों के साथ ही हनुमान बेनीवाल और बसपा के मनोज न्यांगली किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी की मांग कर रहे थे । कुछ देर तक चले हंगामें के बाद मामला शांत हो गया। 
  गहलोत और पायलट ने बताया चुनावी बजट,घोषणाओं का पुलिंदा 
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा सोमवार को पेश किए गए बजट को कांग्रेस ने चुनावी बजट और मात्र घोषणाओं का पुलिंदा बताया है । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में  कहा कि जो घोषणाएं की गई है,वे केवल वाहवाही लूटने वाली है । ये घोषणाएं चुनाव से पूर्व 8 माह में पूरी हो जाएगी,इसकी कोई गारंटी नहीं है । तीन सीटों पर उप चुनाव में हार के बाद भी भाजपा सरकार ने सबक नहीं लिया और केवल जनता को भ्रमित करने वाली घोषणाएं की है । इधर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बयान जारी कर कहा कि बजट सभी वर्गों को निराश करने वाला है । घोषणाओं और आंकड़ों के माध्यम से जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है । उन्होंने कहा कि आज किसानों को सम्पूर्ण कर्ज माफी की जरूरत है,लेकिन सरकार ने मात्र 50 हजार रूपए तक के कर्ज माफ करने की घोषणा की है । 

Posted By: Preeti jha