उदयपुर, जेएनएन। राजस्‍थान में कई पुराने मंदिर है जिसमें नाहरसिंह भी एक है। राजस्‍थान के  अति पुराना मंदिर नाहरसिंह में राजस्‍थान व इसके अलावा दूर-दूर से यहां श्रद्धालु पैदल चल कर मंदिर तक आते हैं।  नवरात्र में पहले दिन की पूजा घट स्थापना से नवरात्र समापन तक श्रद्धालु यहीं पर ठहरते हैं। जिले के सराड़ा क्षेत्र के माण्डवा गांव में नाहरसिंह माता मंदिर से सटी पहाड़ी गुरुवार रात अचानक भरभरा कर ढह गई। मलबे में गरबा खेल रही बालिकाएं दब गई। जिनमें से दो की मौत हो गई। जबकि अन्य चार बालिकाओं को ग्रामीणों ने बचा लिया। जिन्हें उदयपुर के एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में अन्य कुछ बालिकाओं को मामूली चोटें आई हैं।

जानकारी हो कि मंदिर में यह हादसा रात करीब साढ़े दस बजे का है। माण्डवा स्थित नाहरसिंह माता मंदिर पर गरबा का आयोजन हो रहा था। मंदिर से सटी पहाड़ी पर ग्रामीण बैठकर गरबा देख रहे थे। तभी अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया। जिसकी चपेट में गरबा खेल रहीं बालिकाएं आ गई। घटना के बाद वहां हाहाकार मच गया। लोग तुरंत मलबे में दबी बालिकाओं को निकालने लगे।

हादसे में दो बालिकाओं की मौत हो गई, जबकि अन्य चार गंभीर रूप से घायल हो गई। मृतकों में ग्यारह साल की नर्बदा पुत्री देवीलाल और दस वर्षीया गीता पुत्री धनराज मीणा शामिल हैं।

गंभीर रूप से जख्मी चार बालिकाओं को सराड़ा अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रैफर कर दिया गया। जिन बालिकाओं को मामूली चोटें आई उनका प्राथमिक उपचार सराड़ा अस्पताल में कराया गया। 

राजस्‍थान में कई पुराने मंदिर है जिसमें नाहरसिंह भी एक है। राजस्‍थान के  अति पुराना मंदिर नाहरसिंह में राजस्‍थान व इसके अलावा दूर-दूर से यहां श्रद्धालु पैदल चल कर मंदिर तक आते हैं।  नवरात्र में पहले दिन की पूजा घट स्थापना से नवरात्र समापन तक श्रद्धालु यहीं पर ठहरते हैं। 

Posted By: Preeti jha

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