उदयपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान के उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में मचा घमासान थमने की बजाय और बढ़ता जा रही है। भूमाफिया से सांठ-गांठ कर विश्वविद्यालय की बेशकीमती भूमि हड़पने के आरोपों में घिरने के बाद प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष व उदयपुर विधायक गुलाबचंद कटारिया भड़क उठे हैं। उन्होंने शनिवार को कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे सभी आरोपों को साबित कर दें। ऐसा करने में वह सफल होते हैं तो विधानसभा की सदस्यता छोड़ देंगे। नहीं तो उन्हें राजस्थान छोड़कर यूपी जाना होगा। निजी कालेजों से जीएसटी वसूली को लेकर शुरू हुआ घमासान अब इतना अधिक बढ़ गया है कि नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया व सुविवि कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह के बीच बयानबाजी जारी है। जीएसटी वसूली के मामले में कटारिया ने जहां कुलपति पर मनमानी का आरोप लगाया, वहीं कुलपति ने विश्वविद्यालय की चंपाबाग की अरबों की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में कटारिया पर निशाना साधा और विश्वविद्यालय राजनीति का केंद्र बन गया।

भाजपा ने कुलपति के खिलाफ खोला मोर्चा

कटारिया ने कहा कि कुलपति अगर आरोप सिद्ध नहीं कर पाएं तो उन्हें विश्वविद्यालय छोड़कर उत्तर प्रदेश जाना होगा। कटारिया ने कहा कि वे सभी प्रकार की जांच का सामना करने को तैयार हैं। कुलपति चाहे तो खुद मामले की जांच करवा लें। सीबीआइ से भी जांच करवा सकते हैं। चंपाबाग की जमीन विश्वविद्यालय को दिलाने के लिए सबसे पहले 1978 में उन्होंने ही पहल की थी। कटारिया ने कहा कि कुलपति विश्वविद्यालय में भय का माहौल पैदा नहीं करें। कटारिया ने कुलपति को सभ्य शब्दों के उपयोग करने की नसीहत भी दी। कुलपति और कटारिया के बीच चल रहे विवाद में शहर जिला भाजपा ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। भाजपा के सभी अग्रिम संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर उनको बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।

कुलपति बोले-जो गलत, वहीं प्रदर्शन में जुटे

सुविवि के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह का कहना है कि वह अपनी बात पर कायम हैं। विश्वविद्यालय की चंपा बाग वाली जमीन जो अरबों की है। उस पर ऐसे भूमाफिया कब्जा किए हुए हैं, जिन्हें नेता प्रतिपक्ष कटारिया का वरदहस्त है। उन्होंने कहा कि वह तो आज हैं, कल उत्तर प्रदेश चले जाएंगे। इससे उनके बयान तथा प्रतिष्ठा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

सुखाड़िया विश्वविद्यालय की बैठक में निजी कालेजों से जीएसटी लिए जाने को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सीआर देवासी और वित्त नियंत्रक दलपत सिंह राठौड से हुई अभद्रता तथा मारपीट की घटना हुई। हालांकि उस समय कुलपति प्रो.अमेरिका सिंह मौजूद नहीं थे। जबकि नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने रजिस्ट्रार देवासी के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि यह सब कुलपति के इशारे पर किया गया है। उन्होंने कुलपति पर मनमानी का भी आरोप लगाया। इसके बाद कुलपति ने कहा था कि नेता प्रतिपक्ष कटारिया यह सब विश्वविद्यालय की चंपाबाग की अरबों रुपये की कीमती भूमि पर अतिक्रमण करने वाले उनके समर्थकों को बचाने के लिए कर रहे हैं। इसके बाद निजी कालेजों से जीएसटी की वसूली का मुद्दा तो पीछे रह गया और कुलपति और नेता प्रतिपक्ष के बीच विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया।

कटारिया बोले, रीट परीक्षा सबसे बड़ा घोटाला, सीएम इस्तीफा दें

रीट पेपर लीक मामले में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने गहलोत सरकार पर तीखा निशाना बांधा। कटारिया ने शनिवार को सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस मामले में कई लोगों को बचाना चाहते हैं। सरकार केवल जारौली पर कार्रवाई कर इतिश्री नहीं कर सकती। कटारिया ने यह भी कहा कि एसओजी की टीम ने जिस तरह कार्य किया वह काबिल ए तारीफ है। मामले में तय समय में जांच पूरी कर जो भी दोषी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कटारिया ने गहलोत तथा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार ने लाखों अभ्यर्थियों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया है। ऐसे में मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।  

Edited By: Sachin Kumar Mishra