जयपुर,  एएनआई। Gujjar Reservation: राजस्थान के भरतपुर, गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृच्व में राजस्थान के भरतपुर में एक महापंचायत बुलाई गई, जिसमें गुर्जर नेताओं ने अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए सरकार को चेतावनी दिया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो गुर्जर समुदाय एक नवंबर को पूरे प्रदेश में चक्का जाम कर देगा।

गुर्जरों की मांग है कि बैकलॉग भर्ती में 35000 पद गुर्जर समुदाय के लोगों को दी जाए। इसके अलावा आंदोलन में शहीद हुए लोगों की विधवाओं को सरकारी नौकरी दी जाए। गुर्जर आरक्षण को केंद्र में लागू कराने के लिए उसे 9वीं सूची में डलवाने की मांग भी गुर्जर नेताओं ने सरकार से की है। पिछले समय में हुए सभी गुर्जर आंदोलनों में दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमों को वापस लेने की मांग भी की गई।  

गुर्जरों कि इस महापंचायत में करीब ढाई हजार लोग इकठ्ठा हुए थे, जबकि गुर्जर नेताओं की उम्मीद थी कि इस महापंचायत में 20 हजार लोग जमा होंगे। महापंचायत को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही ऐहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, जिसे आज बहाल होने की संभावना है। किरोड़ी सिंह बैंसला ने घोषणा करते हुए कहा कि हम लोग शांति चाहते हैं लेकिन सरकार भी समझ ले कि हमारी मांगों को पूरा करने के लिए जल्दी ही सकारात्मक विचार करे अन्यथा आंदोलन होकर ही रहेगा।

बैंसला ने कहा कि खेती बाड़ी के काम एवं त्योहारी सीजन को देखते हुए हमने एक नवंबर तक का समय रखा है।उन्होंने कहा,' सरकार को भी एक नवंबर तक का समय मिल गया है। उसके बाद भी अगर मांगों पर काम नहीं हुआ तो समाज आकर पटरी पर बैठ जाएगा। सरकार की ओर से आला अधिकारियों की कर्नल बैंसला से बातचीत के बारे में उन्होंने कहा कि अधिकारी कोई ठोस प्रस्ताव लेकर नहीं आए जबकि हम चाहते हैं कि हमारी मांगों पर काम हो। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति कहा कि हम शांति से अपना हक चाहते हैं। महापंचायत ने कहा कि फिलहाल फसल बुआई के काम के चलते किसान व्यस्त हैं। ऐसे में आंदोलन करना उचित नहीं है।  चेतावनी देने के साथ ही गुर्जरों की महापंचायत शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। इससे जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। 

जयपुर में भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने मामले को उलझाया है और वह केवल गुर्जरों को आश्वासन देकर काम चला रही है। हालांकि, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि गुर्जर समाज की नौंवी अनुसूची संबंधी मांग केंद्र सरकार पूरी कर सकती है और समाज के नेताओं को इस बारे में राज्य के 25 भाजपा सांसदों से बात करनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि गुर्जरों की इस महापंचायत को देखते हुए बयाना, भरतपुर में चौकसी बढ़ा दी थी और आला अधिकारियों को सचेत रहने को कहा था।

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