उदयपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान में शराब के लिए एक युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सौ साल की दादी का गला घोंट दिया। इसका खुलासा दादी के पैरों से गायब चांदी का कड़ा बेचने के प्रयास के बाद हो पाया। खरीदार ने आरोपित पोते के परिजनों को कड़े का सौदा किए जाने से पहले उन्हें जानकारी दी। जिस पर परिजनों ने शंका के आधार पर मामला दर्ज कराया और पुलिस ने पोते और उसके दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने दादी की हत्या करना कबूल कर लिया। डूंगरपुर जिले के सागोट गांव में सौ साल की अमरी पत्नी नाथिया मीणा की गत 14 जनवरी को मौत हो गई थी। बेटा मोगजी और परिवार के सभी सदस्यों ने बुजुर्ग मां की मौत को सामान्य मानते हुए उसका परंपरागत तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि अमरी के पैर से चांदी का एक कड़ा गायब होने से उन्हें अनहोनी की आशंका थी।

जानें, क्या है मामला

अमरी की हत्या की गई इसका खुलासा निठाउवा पुलिस ने करते हुए बताया कि मृतका अमरी का पोता नारायण चांदी का कड़ा बेचने की फिराक में था। इसके लिए उसने गांव के बदिया मीणा से सौदा किया। किन्तु बदिया मीणा ने पैसा देने से पहले उसके पिता मोगजी और चाचा जगदीश को कड़े के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों ने नारायण के खिलाफ निठाउवा थानेदार अब्दुल रज्जाक से शिकायत की। साबला थानाधिकारी मनीष कुमार इसकी जांच कर रहे थे और उन्हें मृतका के पोते नारायण तथा उसके मित्र भरत भोई को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना कबूल कर लिया। बताया कि इस वारदात में उनके दो मित्र किशोर साद और ईश्वर मीणा भी साथ में थे। नारायण ने बताया कि वह अपनी दादी की हत्या नहीं करना चाहता था, लेकिन जब वह दादी के पांव से चांदी का कड़ा उतार रहे थे, तब वह जाग चुकी थी। जिससे वह घबरा गया और उसने मुंह पर तकिया रखकर दबाए रखा। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसलिए वह एक कड़ा निकालकर भी भाग निकले।

Edited By: Sachin Kumar Mishra