जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हे रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने को लेकर कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक रूप से पिछड़ों के कल्याण पर पूरा ध्यान देगी। प्रदेश की सरकारी नौकरियों एवं शिक्षण संस्थाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण में अचल संपति संबंधी प्रावधान हटाने के निर्णय से बड़ी संख्या में युवाओं को राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण में विभिन्न जटिलताओं के चलते बेरोजगार युवाओं को इसका लाभ लेने में समस्या हो रही थी। दरअसल,सरकार ने सरकारी सेवाओं एवं शिक्षण संस्थाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग की पात्रता के लिए पांच एकड़ या इससे अधिक कृषि भूमि, एक हजार वर्ग फुट और इससे अधिक के आवासीय फ्लैट के मापदंड़ों को समाप्त करने का निर्णय लिया है।

अब प्रदेश की सरकारी सेवाओं एवं शिक्षण संस्थाओं में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 8 लाख रूपये तक को ही पात्र माना जाएगा। सरकार के इसी निर्णय पर आर्थिक रूप से पिछड़े विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि मंगलवार को मुख्यमंत्री का आभार जताने उनके जयपुर में सिविल लाइंस स्थित निवास पर पहुंचे थे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम के रूप में मेरे पहले कार्यकाल में ही राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हित में 14 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव विधानसभा में पारित कर तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को भेज दिया था। लेकिन केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। 

Posted By: Preeti jha

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