जयपुर, जेएनएन। मई में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान की नई सरकार शहरी वोटरों को लुभाने के लिए कुछ बडी सौगातें देने की तैयारी कर रही है। इनमे से शहरों में बसी काॅलोनियो में करीब छह लाख पटटे बांटने का काम तो फरवरी से ही शुरू किए जाने की तैयारी है, वहीं कुछ अन्य काम करने के लिए नगरीय विकास विभाग ने सभी जिलों से 100 दिन की कार्ययोजना तैयार करने को कहा है।

लोकसभा चुनाव मई में होने है और इसक आचार संहिता मार्च मध्य तक लगने की सम्भावना है। ऐसे में नई सरकार के पास 50-60 दिन का समय है। इस समय में शहरी वोटरों के लिए कुछ ऐसे काम चिन्हित किए जा रहे है जिन्हे इस दौरान शुरू किया जा सकता है। इनमें एक बडा काम पटटा वितरण का है। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने प्रशासन शहरों के संग अभियान शुरू करने का शीघ्र एलान किया है।

नगरीय विकास और स्वायत्त शासन विभाग मंत्री शांति धारीवाल ने पिछले सप्ताह अधिकारियों की एक बडी बैठक ली थी। बैठक मंत्री शांति धारीवाल ने आदेश दिया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान दुबारा शुरू करने के लिए तैयारी की जाए। इसके लिए नियमों में छूट और अभियान शुरू करने की प्रस्तावित तिथि को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया जाए।

इस अभियान में सरकार करीब छह लाख भूखण्डों के पटटे जारी करेगी। दरअसल अशोक गहलोत सरकार के पिछले कार्यकाल में भी ऐसा अभियान चलाया गया था। उस समय 11 लाख भूखण्डों के ले आउट प्लान स्वीकृत किए गए थे। इसमें से तब अभियान के दौरान महज 5 लाख ही पट्टे दिए गए थे। बाद में सरकार बदल गई और यह मामला ठंडे बस्ते में चला गयां ऐसे में छह लाख भूखण्डों के पट्टे दिए जाना शेष है। बताया जा रहा है कि 1 फरवरी से प्रशासन शहरों के संग अभियान चला कर ये पटटे वितरित किए जा सकते है।

हालांकि हाईकोर्ट ने हाल में एक आदेश जारी कर,जोनल डवलपमेंट प्लान बनाकर ही भूखण्डों का नियमन करने के आदेश दिए थे, लेकिन विभागीय अधिकारियेां का कहना है कि जिन भूखण्डों का लेआउट प्लान स्वीकृत किया जा चुका है, उनके पटटे देने में यह आदेश अड़चन नहीं हैं, क्योंकि इन्हें हाईकोर्ट के आदेश से पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। इसके बावजूद कहीं कोई अडचन आई तो वहां का काम रोक कर उसके लिए कोई अन्य रास्ता निकाला जाएगा। विभागीय सूत्रो का कहना है कि पटटा वितरण के इस काम का लोगो को लम्बे समय से इंतजार है और अभियान के दौरान यह आधा काम भी हो पाया तो लोगों को बडी राहत मिलेगी।

इसके साथ ही नगरीय विकास विभाग ने सभी शहरी निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे कांग्रेस के घोषणा पत्र को लागू करने के लिए सौ दिवसीय कार्ययोजना बना कर भेजे। इसके लिए कुछ बिंदु तैयार कर नगरीय निकायों को भेजे गए हैं। विभागीयसूत्रों का कहना है कि इन बिंदुओ के आधार पर जो कार्ययोजना तैयार की जाएगी, उनमें से ऐसे काम चिन्हित किए जाएंगे जिन्हें तुरंत पूरा किया जा सकता है या जिन पर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले काम शुरू हो सकता है। यह कार्ययोजना कांग्रेस के घोषणापत्र के अनुरूप तैयार कराई जा रही है ताकि यह संदेश दिया जा सके कि सरकार बनने के दो माह में ही पार्टी ने अपने वादों पर काम करना शुरू कर दिया है।

इन बिंदुओं पर मांगी है कार्ययोजना-

- अधिक ट्रेफिक भार वाले रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज व अंडरपास का निर्माण

- जिन स्थानों पर फ्लाईओवर,अंडरपास,बाइपास व एलिवेटेड रोड का निर्माण होना है, उन्हें चिन्हित करना। इनमें से कुछ कामों का लोकसभा चुनाव से पहले शिलन्यास कराया जा सकता है।

- नगरीय विकास से संबंधित कानून व नियमों में आवश्यक संशोधन करना

- आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के लिए आवासीय योजनाओं के लिए भूमि आरक्षित करना।

- राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त आवासहीन कलाकारों को रियायती दर पर आवासीय भूखण्ड देना

- अधिग्रहण के मुआवजे में दी जाने वाली भूमि या अन्य भूमि की रजिस्ट्री में पुरूष के साथ महिला का नाम भी जोड़ना

- अकेली निराश्रित और भूमिहीन महिला को आवास आवंटन में प्राथमिकता देना

- सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों और जमीनी धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना

- पाक विस्थापितों के सर्वागीण विकास के लिए अलग से निकाय बनाना

- यातायात जाम से राहत के लिए बड़े शहरों में आंदोलन और धरने-प्रदर्शन के लिए अलग स्थान चिहिन्त करना 

Posted By: Preeti jha