जयपुर,[जागरण संवाददाता]। राजस्थान में सरकारी चिकित्सकों के सोमवार को सामूहिक अवकाश पर जाने से एक ओर तो जहां चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ा गई। वहीं राज्य सरकार ने चिकित्सकों के विरूद्व कड़ा रूख अपनाते हुए रेस्मा लागू कर दिया। सरकारी चिकित्सकों के सामूहिक रूप से अवकाश पर जाने से चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ा गई,मरीजों को दिनभर इधर-उधर भटकना पड़ा,कई आॅपरेशन टालने पड़े।

इधर रविवार देर रात ही राज्य के गृह विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर अराजस्थान अत्यावश्यक सेवाएं अधिनियम के तहत रेस्मा लगा दिया। रेस्मा के तहत हड़ताली सरकारी कर्मचारियों को बिना किसी वारंट के पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ का कहना है कि मरीजों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए रेस्मा लगाया गया है,चिकित्सक अपनी मांगों को मनवाने के लिए मरीजों की जान दांव पर लगा रहे है,इसलिए सरकार ने कड़ा रूख अपनाया है।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों मौसमी बीमारियों की चपेट में बड़ी संख्या में लोग आ रहे है । डेंगू,मलेरिया और स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तमाम प्रयासो के बावजूद मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। ऐसी हालत में सरकार को रेस्मा लगाने जैसा कड़ा रूख अपनाना पड़ा। चिकित्सकों ने चिकित्सा विभाग के राज्य स्तरीय उच्च पदों पर डॉक्टरों का कैडर बनाकर प्रमोशन करने,ड्यूटी के दौरान सुरखा उपलब्ध कराने,अस्पताल का समय एक पारी में करने सहित 33 सूत्रीय मांगों को लेकर सामुहिक अवकाश लिया है ।

 

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Posted By: Preeti jha

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