जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के कोटा में शनिवार को एक छात्रा ने हास्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। छात्रा शिखा यादव (17) कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह पिछले एक साल से कोटा के निजी हास्टल में रह रही थी। वह बिहार के मधेपुरा की रहने वाली थी। पुलिस के अनुसार, एक दिन पहले ही शिखा के पिता उसे वापस घर ले जाने के लिए कोटा आए थे, लेकिन वह घर वापस नहीं जाना चाहती थी। इस कारण पिता-पुत्री के बीच शुक्रवार को मनमुटाव हो गया था। इसी गुस्से में उसने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर कुन्हाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

एक साल से कर रही थी कोचिंग

थाना अधिकारी गंगासहाय शर्मा ने बताया कि कोटा के लैंडमार्क सिटी के हास्टल की पांचवीं मंजिल से शिखा ने छलांग लगाई है। वह वहां तक कैसे पहुंची, इस बात की जांच की जा रही है। शुक्रवार को कोटा पहुंचे उसके पिता शनिवार को सुबह चाय पीने बाहर चले गए और शिखा को सामान पैक करने के लिए कह गए थे। इसी बीच, शिखा ने पांचवीं मंजिल पर जाकर छलांग लगा ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह पहली मंजिल पर बने एक कमरे में रहती थी। शिखा एक साल से यहां रह रही थी, लेकिन कोचिंग कम ही जाती थी। इस बात की जानकारी मिलने पर पिता उसे वापस घर ले जाने के लिए आए थे। उनका शनिवार दोपहर 12 बजे रेल का रिजर्वेशन था।

गौरतलब है कि देश में कोचिंग हब के रूप में प्रसिद्ध कोटा में छात्रों की आत्महत्याओं का सिलसिला अब भी जारी है। मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्र व छात्राएं हर साल यहां जान दे रहे हैं। कोटा में छात्रों की आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों पर राजस्थान के राज्यपाल व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चिंता जता चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निर्देश पर कोटा कलेक्टर व राज्य के शिक्षा सचिव ने कोटा के कोचिंग संचालकों के साथ बैठक कर छात्रों का मानसिक दबाव कम करने को लेकर चर्चा की थी। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra