जोधपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान में जालोर जिले में रहने वाले एक युवक व युवती के बीच मोबाइल पर हुई दोस्ती ऐसी परवान चढ़ी कि दोनों ने घर से भाग कर विवाह कर लिया। युवक से पहले मिले बिना ही युवती ने सीधे जाकर शादी कर ली। इसके बाद पति की तरफ से कोर्ट एक याचिका लगाई गई, जिसमें पत्नी को उसके परिवार से छुड़ाने की मांग की गई। इसकी सुनवाई के दौरान युवती हाईकोर्ट में पेश की गई। यहां युवती ने अपने पिता के साथ रहने की इच्छा व्यक्त कर दी। इसके बाद कोर्ट ने उसे अपने माता-पिता के साथ जाने की अनुमति दी है।

मामला जोधपुर संभाग के जालोर जिले के सायला क्षेत्र से जुड़ा है। जालोर के सायला निवासी जीतराम माली ने अपनी पत्नी को लेकर हाईकोर्ट में पत्नी को छुड़वाने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उसकी याचिका पर हाईकोर्ट ने युवती को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया।

न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग खंडपीठ के समक्ष पुलिस ने युवती को पेश किया। युवती ने शादी के 17वें दिन कोर्ट में कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। उसका कहना था कि मोबाइल पर हुई जान-पहचान के बाद हुई दोस्ती प्यार में बदल गई युवक से पहले मिले बगैर उसने उसके साथ जाकर शादी कर ली। साथ रहने पर अहसास हुआ कि दोनों का साथ निभा पाना मुश्किल है, ऐसे में उसने अब अपने माता-पिता के साथ रहने का फैसला किया। खंडपीठ युवती को उसकी इच्छानुसार माता-पिता के साथ रहने की अनुमति प्रदान कर दी।

जालोर जिले के सायला से फरार एक युगल ने 10 जुलाई को प्रेम विवाह किया। यह जोड़ा 22 जुलाई को अपने घरवालों के डर से सुरक्षा के लिए संरक्षण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी लगाने जा रहा था। तभी बीच रास्ते ही कोर्ट के सामने युवती के घरवालों ने युगल को रोका और उसे अपने साथ ले गए। युवक ने इस बारे में जोधपुर के कुड़ी थाने में केस दर्ज कराया। बताया जाता है कि युवती के घरवालों ने युवक के खिलाफ सायला थाने में उसके अपहरण का केस भी करवाया। इसमें बताया कि उसने एक युवती से कोर्ट में 10 जुलाई को प्रेम विवाह किया था। अब घरवालों के डर से वे सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट जा रहे थे। तब बीच रास्ते में लड़की के घरवालों उसके पिता, भाई आदि ने रास्ता रोका और मारपीट करते हुए उसकी पत्नी को अपने साथ अपहरण कर ले गए। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra