जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है। गहलोत सरकार ने पिछले दिनों ही राज्य विधानसभा में सीएए के साथ ही राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरपी) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। भाजपा ने इसका विरोध किया था।

विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के बाद अब गहलोत सरकार सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके लिए राज्य के संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री शांति धारीवाल लॉ विभाग के अधिकारियों, राज्य के महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ वकीलों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं। वे अगले एक-दो दिनों में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों से भी इस बारे में चर्चा करेंगे।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गहलोत सरकार सुप्रीम कोर्ट में यह आग्रह करेगी कि देश के अन्य भागों की तरह राजस्थान में भी सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सीएए संविधान के उपबंधों का उल्लंघन करता है, इसलिए नागरिकता प्रदान करने में धर्म के आधार पर विभेद से बचने एवं सभी धार्मिक समूहों के लिए विधि के समक्ष समाज को सुनिश्चित करने के लिए इसे निरसित किया जाना चाहिए।

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है। गहलोत सरकार ने पिछले दिनों ही राज्य विधानसभा में सीएए के साथ ही राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरपी) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। भाजपा ने इसका विरोध किया था। हालांकि इस बारे में अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेताओं एवं सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि धारीवाल ने विधानसभा में इस पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा था कि जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। 

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Posted By: Preeti jha

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