जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राजस्थान हाईकोर्ट ने विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) का टिकट दिलाने के नाम पर 58 लाख की धोखाधड़ी की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दिए है। न्यायाधीश महेंद्र माहेश्वरी ने मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई के जांच अधिकारी को 15 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई के दिन केस डायरी सहित कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा है।

कोर्ट ने पुलिस की जांच पर नाराजगी जताते हुए जयपुर पुलिस आयुक्त को तत्काल मामले की फाइल सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सीबीआई निदेशक को कहा कि जांच के दौरान यह अवश्य देखा जाए कि क्या विधानसभा चुनाव में टिकट की खरीद-फरोख्तका दायरा प्रार्थी और शिकायतकर्ता तक ही सीमित है या फिर अन्य लोगों के साथ भी लेनदेन हुआ है या नहीं।

यह है पूरा मामला

जयपुर निवासी राकेश खंडेलवाल ने इस्तगासे के माध्यम से श्याम नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था कि यूपी के गाजियाबाद निवासी अनूप चौधरी ने जनवरी, 2018 में उसे 25 करोड़ का लोन दिलाने के बदले अनूप चौधरी ने 58 लाख की रकम रिश्वत के रूप में ली थी। यह रकम नकद एवं बैंक खातें में ट्रांसफर करा कर ली गई थी। इस संबंध में चौधरी ने उसके साथ लिखित में एग्रीमेंट भी किया था, लेकिन ना तो उसे लोन दिलाया और ना ही उसकी रकम वापस लौटाई गई।

जयपुर पुलिस मामले की जांच करती हुई अनूप चौधरी को गिरफ्तार करने गाजियाबाद पहुंची। इसी बीच अनूप चौधरी ने राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए कहा कि मैने राकेश खंडेलवाल से 58 लाख समाजवादी पार्टी की सदस्यता और विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के लिए पार्टी फंड में लिए थे। टिकट नहीं मिलने पर लोन दिलाने के एग्रीमेंट पर राकेश खंडेलवाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर जबरन हस्ताक्षर करवाए थे।

इस संबंध में उसने दिल्ली पुलिस में शिकायत देने के साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में सुरक्षा दिलाने की याचिका दायर कर रखी है। यह याचिका अभी लंबित है। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अनूप चौधरी की गिरफ्तारी नहीं करने के निर्देश दिए है।

हाईकोर्ट में लिखित में दिया,मैने टिकट के लिए पैसे लिए

अपून चौधरी ने राजस्थान हाईकोर्ट में लिखित में दिया कि मैने राकेश खंडेलवाल को विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का टिकट दिलाने के लिए पैसे लिए थे। लेकिन पार्टी ने उसे टिकट नहीं दिया तो उसे झूठे मामले में फंसा दिया गया। पार्टी ने रूपए भी लिए,लेकिन टिकट नहीं दिया। अनूप चौधरी ने खुद को तृणमूल कांग्रेस की यूपी इकाई का पूर्व अध्यक्ष बताते हुए कहा कि वह साल, 2014 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुआ था । साल,2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान वह राजस्थान के टिकट तय करने वाले नेताओं में शामिल था। 

Posted By: Preeti jha

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