उदयपुर, जेएनएन। Coronavirus. राजस्थान के उदयपुर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या शुक्रवार को चार पहुंच गई। सभी पीड़ित एक ही परिवार के सदस्य हैं। इनमें गुरुवार को पॉजिटिव पाया गया पंद्रह वर्षीय किशोर के अलावा उसके ताऊजी, ताई तथा चचेरी बहन शामिल है। ताई उदयपुर के महाराणा भूपाल अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड की प्रभारी थी और रोजाना ड्यूटी पर जा रही थी। इसके बाद स्वाइन फ्लू वार्ड के सभी स्टाफ को क्वारंटाइन के लिए भेज दिया गया।

चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उदयपुर की रजा (रज्जाक) कॉलोनी में गुरुवार को पंद्रह वर्षीय एक किशोर कोरोना पीड़ित पाया गया। जो इंदौर के एक तैयबियाह संस्थान के स्कूल में पढ़ता था। लॉकडाउन के दौरान स्कूल के बंद होने पर वह इंदौर के सिलावटपुरा में अपने दोस्तों के पास गया था। साथ ही, इसी परिवार के दो अन्य सदस्य भी इंदौर के खरजाना इलाके में अपने रिश्तेदारों के यहां गए थे। वहां से वह दो सप्ताह पहले ही लौटे बताए। कोरोना पीड़ितों में पंद्रह वर्षीय किशोर के ताऊजी, ताईजी तथा उसकी चचेरी बहन शामिल है।

किशोर के कोरोना पीड़ित पाए जाने के बाद इस परिवार के बीस सदस्य तथा दो उसके मित्रों को आइसोलेशन के लिए भर्ती कर लिया गया। इनमें से चौदह की रिपोर्ट शुक्रवार को मिली और वह सभी नेगेटिव पाए गए। जबकि तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। बाकी की रिपोर्ट मिलनी बाकी है।

स्वाइन फ्लू वार्ड का समस्त स्टाफ आइसोलेट एमबी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में नर्सिंग प्रभारी के रूप में कार्यरत नर्सिंगकर्मी महिला के कोरोना संदिग्ध माने के बाद ही गुरुवार रात इस वार्ड के समस्त स्टाफ एवं एक रोगी को आइसोलेट कर दिया गया। जिनकी संख्या 22 बताई जा रही है। इधर, रजा कॉलोनी तथा आसपास के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिए जाने के बाद समूचे क्षेत्र के लोगों की स्क्रीनिंग की गई।

मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि पिछले अठारह घंटे में दस हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उदयपुर शहर के सभी लोगों की स्क्रीनिंग का काम जारी है। 

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