उदयपुर, संवाद सूत्र। Food inspector arrested. कोरोना संकट को लेकर जारी लॉकडाउन के बीच राजस्थान के उदयपुर में रिश्वत का मामला सामने आया है।

यहां किराने की दुकान में कमियां बताकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बुधवार को चित्तौड़गढ़ जिले के दो खाद्य निरीक्षकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भीलवाड़ा इकाई ने चित्तौड़गढ़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में की। मामले की जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए फुड इंस्पेक्टर र्स (खाद्य निरीक्षक) में राजेश टिंकर और सुनील गर्ग शामिल हैं। जिनके खिलाफ बूंदी रोड निवासी किराना व्यापारी सोनू उर्फ अशरफ ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि दो दिन पहले उसकी किराने की दुकान पर दोनों खाद्य निरीक्षक जांच के लिए आए। जांच के बाद उन्होंने कमियां बताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। कार्रवाई नहीं करने के एवज में उन्होंने दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत पर बुधवार को भीलवाड़ा ब्यूरो के दल ने चित्तौड़गढ़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के कमरा नंबर 18 से दोनों खाद्य निरीक्षकों को रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

सेवाकर अधीक्षक के घर से मिले एक करोड़ नकद

सोमवार को रिश्वत लेते गिरफ्तार केंद्रीय वस्तु-सेवाकर एवं सीमा शुल्क अधीक्षक श्यामसुंदर जैन के उदयपुर के भोपालपुरा स्थित आवास की तलाशी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक करोड़ रुपये से अधिक की नगदी जब्त की है। इसके अलावा सवा किलो सोना तथा भूमि संबंधी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

रविवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की राजसमंद इकाई ने उसे नाथद्वारा के अनन्ता अस्पताल के समीप से गिरफ्तार किया था। जिसने राजनगर के एक मार्बल व्यापारी से पंद्रह हजार रुपये की रिश्वत ली थी। अदालत के निर्देश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 

Posted By: Sachin Kumar Mishra

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