उदयपुर, जागरण संवाददाता। चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में शुक्रवार रात कश्मीरी और बिहारी मुस्लिम छात्रों के बीच हुए झगड़े को लेकर सही रिपोर्टिंग नहीं करने पर गंगरार थानाधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया है। थानाधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने मुस्लिम छात्रों के बीच हुए झगड़े की सही सूचना पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर बिनिता ठाकुर को नहीं दी। जिसके बाद आईजी ने थानाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक को कहा था।

मिली जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ के गंगरार क्षेत्र में स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में शुक्रवार रात कश्मीरी मुस्लिम छात्र एवं बिहारी मुस्लिम छात्रों के बीच कहासुनी के बार मारपीट शुरू हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन की सूचना पर गंगरार थानाधिकारी लादूराम विश्नोई मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों को अलग-अलग कराया। मामला कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के साथ जुड़े होने से इसे गंभीर बताया गया लेकिन इस घटना की रिपोर्टिंग थानाधिकारी लादूराम ने उदयपुर महानिरीक्षक बिनिता ठाकुर को की और ना ही संबंधित पुलिस अधीक्षक को। जिसकी सूचना अन्य माध्यमों के जरिए आईजी उदयपुर को मिली। जिसे उन्होंने गंभीर लापरवाही माना और तत्काल प्रभाव से इस मामले में चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई करने को कहा।

चित्तौड़गढ़ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह का कहना है कि यह मामला गंभीर है और थानाधिकारी लादूराम विश्नोई को तत्काल प्रभाव से लाइन में उपस्थित होने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मेवाड़ विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं सैकड़ों कश्मीरी मुस्लिम छात्र चित्तौड़गढ़ जिले की मेवाड़ विश्वविद्यालय में सैकड़ों कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं। जिनके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अलग से हॉस्टल भी बना रखे हैं। जिनमें दूसरे राज्यों के मुस्लिम छात्रों को भी गया है। यहां कई बार कश्मीरी और भारत के अन्य प्रांतों के मुस्लिम छात्रों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है। कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद यहां रह रहे कई कश्मीरी छात्र अपने-अपने घरों पर लौट गए थे। जो पिछले महीने ही वापस लौटे थे। 

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