राजस्थान में फर्जी एफएमजी प्रमाणपत्र घोटाला: चार और डॉक्टर गिरफ्तार, अब तक पकड़े गए 33 आरोपी
राजस्थान में फर्जी विदेशी मेडिकल स्नातक (एफएमजी) प्रमाणपत्र मामले में एसओजी ने चार और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 33 हो गई है।

फर्जी एफएमजी प्रमाणपत्र मामले में चार और डॉक्टर गिरफ्तार

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जागरण संवाददाता, उदयपुर। राजस्थान में फर्जी विदेशी मेडिकल स्नातक (एफएमजी) स्क्रीनिंग प्रमाणपत्र के जरिए इंटर्नशिप और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण हासिल करने के कथित मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने चार और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 33 हो गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विदेश से एमबीबीएस करने के बाद अनिवार्य एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर सके थे और उन्होंने कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र हासिल किए।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भरतपुर जिले के डीग निवासी भरत भूषण (26) और शिवम चौधरी (28) तथा भरतपुर निवासी सौरव शर्मा (29) और हिमांशु शर्मा (26) के रूप में हुई है। आरोपियों ने किर्गिस्तान, रूस और कजाकिस्तान के विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की थी।
27 से 30 लाख रुपए देने का आरोप
पुलिस के अनुसार भरत भूषण ने कथित फर्जी प्रमाणपत्र के लिए 30 लाख रुपए, सौरव शर्मा और हिमांशु शर्मा ने 27-27 लाख रुपए तथा शिवम चौधरी ने 30 लाख रुपए दिए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने दौसा, धौलपुर, जयपुर और अलवर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप हासिल की।
100 से अधिक संदिग्ध लाभार्थी चिह्नित
पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 28 विदेशी मेडिकल स्नातक, राजस्थान मेडिकल काउंसिल का एक पूर्व रजिस्ट्रार, काउंसिल के दो कर्मचारी और कथित बिचौलियों सहित 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांचकर्ताओं ने इस गिरोह से लाभ लेने वाले 100 से अधिक संदिग्धों की पहचान की है। आरोप है कि गिरोह 20 से 30 लाख रुपए लेकर फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराता था। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।
