जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। बिहार के सुपर 30 की तर्ज पर राजस्थान के झुंझुनूं में एक्सीलेंट 40 शुरू किया गया है। झुंझुनूं में जिला कलेक्टर के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी रवि जैन ने एक्सीलेंट 40 के माध्यम से गरीब परिवारों के युवाओं का भविष्य संवारने का बीड़ा उठाया है। बिहार के सुपर 30 में हर साल 30 बच्चों को आईआईटी में प्रवेश की तैयारी कराई जाती है। उसी तरह अब एक्सीलेंट 40 में प्रतिवर्ष 40 बच्चों को सिविल सिर्विसेज की तैयारी कराई जाएगी।

झुंझुनूं जिला कलेक्टर रवि जैन ने झुंझुनूं में एक्सीलेंट 40 के नाम से क्लास शुरू कर जिले के युवाओं को राज्य प्रशासनिक सेवा एवं सिविल सेवा की तैयारी कराने का कार्यक्रम शुरू किया है। युवाओं को राज्य प्रशासनिक सेवा एवं सिविल सेवा की तैयारी के टिप्स देने के लिए रवि जैन राज्य के बाहर तैनात युवा आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को क्लास में आमंत्रित करते हैं। दिल्ली में सिविल सर्विसेज की तैयारी कराने वाले शिक्षकों को भी बुलाने की योजना बनाई है। रवि जैन अपने खुद के खर्चे पर या फिर दानदाताओं के सहयोग से युवाओं को पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं। वे कार्यालय समय के बाद दो घंटे एक्सीलेंट 40 को देते हैं।

 चयन के लिए होता है इंट्रेस एग्जाम

एक्सीलेंट 40 में युवाओं का चयन करने के लिए एक एंट्रेंस एग्जाम लिया जाता है। इस साल का एंट्रेंस एग्जाम पिछले दिनों संपन्न हुआ। इसके लिए 346 युवाओं ने आवेदन किया था, जिनमें से 322 युवा परीक्षा के लिए पहुंचे। इन युवाओं में 40 युवाओं को चयनित किया गया। वहीं करीब 10 युवाओं की वेटिंग लिस्ट रखी गई है। एंट्रेंस एग्जाम के लिए 100 प्रश्नों वाला और 300 नंबरों का प्रश्नपत्र तैयार किया गया, जिसमें एक तिहाई नंबरों की माइनस मार्किंग भी रखी गई। खास बात यह रही कि इस बैच में 70 फीसदी के करीब बेटियों ने दिलचस्पी दिखाई है। एक्सीलेंट 40 के संयोजक कमल कांत जोशी ने बताया कि पहले कलेक्टर की क्लास नाम से युवाओं को सरकारी सेवा की तैयारी के लिए कोचिंग चलाई जाती थी, लेकिन रवि जैन ने कुछ समय पूर्व एक्सीलेंट 40 नाम से राज्य प्रशासनिक एवं सिविल सेवा की तैयारी कराने का काम हाथ में लिया है।

कलेक्टर की क्लास कोचिंग से कई युवाओं को सरकारी सेवा में नौकरी हासिल हुई है। एक्सीलेंट 40 के लिए दिल्ली में आईएएस का एग्जाम दे चुके युवाओं से संपर्क किया गया है , जो यहां के युवाओं को तैयारियों के टिप्स बताएंगे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर टीचरों के अलावा आईएएस बन चुके युवाओं को भी गेस्ट फैकल्टी के रूप में बुलाया जाएगा और अच्छी तैयारी युवाओं को करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि हर महीने में छह टेस्ट होंगे, इनमें तीन ऑनलाइन तथा तीन सब्जेक्टिव होंगे। कुल मिलाकर महीने में हर पांचवें दिन युवाओं को अपनी तैयारी का टेस्ट देना होगा। वहीं पढ़ने के लिए मैटेरियल भी उपलब्ध करवाए जाएंगे, जो पूर्णतया नि:शुल्क होंगे ।

कलेक्टर की क्लास के जरिए भी युवा हुए है सफल

कमलकांत जोशी ने बताया कि अब तक कलेक्टर की क्लास के चार बैच में 70 युवा आरएएस मैंस तक पहुंच गए है, जबकि चार दिल्ली पुलिस में ज्वाइन कर चुके, नौ युवाओं ने फिजीकल क्लियर कर लिया है। इसके अलावा चार अध्यापक सैकंड ग्रेड, एक लेक्चरर, एक कॉलेज प्रोफेसर, एक अतिरिक्त स्टेशन तथा छह युवा थर्ड ग्रेड टीचर,छह युवा एलडीसी तथा एक रेलवे आरपीएफ में ज्वाइन कर चुका है,इनमें लड़कियों की संख्या अधिक है । कलेक्टर की क्लास में पढ़ने के लिए मैटेरियल उपलब्ध कराया जाता रहा है । 

Posted By: Preeti jha

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