जयपुर, राज्य ब्यूरो। Coronavirus. कोविड संक्रमण के दौरान अधिकारियों के अजीब आदेशों से परेशान राजस्थान के सरकारी शिक्षकों को आखिर छुटकारा मिल गया। शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद राजस्थान सरकार ने यह आदेश जारी कर दिया है कि कोविड संक्रमण के दौरान शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। राजस्थान में कोविड संक्रमण के दौरान सरकाी स्कूलों मे शैक्षणिक कार्य बंद है।

वहीं, सरकार ने महामारी अधिनियम के तहत जिला प्रशासन को कई तरह की शक्तियां दे दी हैं। यही कारण है कि कई जगह शिक्षकों की ऐसे कार्यों में ड्यूटी लगा दी गई कि शिक्षकों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान शिक्षकों को सरकार ने स्कूलों में बनें क्वारंटीन सेंटरों की निगरानी का जिम्मा सौंपा। यहां तक तो ठीक था, लेकिन कोटा जिले के इटावा उपखंड में इन्हें टिड्डियों के नियंत्रण और निगरानी के लिए बनी कृषि विभााग की समितियों में भी इन्हें शामिल कर दिया गया। वहीं, करौली जिले में शिक्षको को क्वारंटीन सेंटरों पर रह रहे लोगों के मनोरंजन की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

इन आदेशों को का राजस्थान के शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध किया और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के जरिए यह आदेश निरस्त भी करवाए। अब राज्य सरकार में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता के स्तर से यह आदेश जारी किया गया है कि शिक्षकों की ड्यूटी कोविड-19 महामारी के संबंध में जारी राजकीय निदेर्शों के अतिरिक्त अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगायी जाए। उन्होंने इन आदेशों की कठोरता से पालना करने के भी निर्देश दिए हैं। 

राजस्थान में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में अब तक 10084 पॉजिटिव केसों के साथ ही 218 लोगों की मौत हुई है। शुक्रवार को एक दिन में 222 पॉजिटिव केस मिलने के साथ ही 5 लोगों की मौत हुई। प्रदेश में 2507 एक्टिव केस बचे हैं।

उधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोतन ने देर शाम कोरोना महामारी की समीक्षा करते हुए कहा कि हेल्थ प्रोटोकॉल की पालना के लिए लोगों में जागरूकता लानी चाहिए। धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संगठनों व जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर फैसले होने चाहिए।

Posted By: Sachin Kumar Mishra

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