अजमेर, संवाद सूत्र। राजस्थान में अजमेर की रहने वाली साठ वर्षीय महिला की पूरी किडनी ही स्टोन बन गई। यह सुनने में जितना असामान्य लगता है, वास्तव में ऐसा ही हुआ। मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर के पथरी, प्रोस्टेट व मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ संतोष कुमार धाकड़ ने अत्यंत जटिल ऑपरेशन कर महिला की किडनी को सुरक्षित रखते हुए करीब एक सौ स्टोन निकाल दिए। महिला को प्रदेश के अन्य चिकित्सा संस्थानों ने किडनी ही निकालना जरूरी बताया था। महिला अब स्वस्थ है, उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दी जा चुकी है। यूरोलॉजिस्ट डॉ संतोष धाकड़ ने बताया कि महिला दाईं किडनी में स्टोन से पीड़ित थी। स्टोन का दर्द बहुत ही गंभीर और असहनीय होता था। महिला ने प्रदेश के अन्य चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकों से परामर्श किया। चिकित्सकों ने जांच कर बताया कि किडनी में कुछ नहीं बचा है। स्टोन ही स्टोन हैं। पूरी किडनी स्टोन बॉक्स बन गई है, उन्हें तो किडनी ही निकलवानी पड़ेगी।

डॉ धाकड़ ने बताया महिला मित्तल हॉस्पिटल अजमेर पहुंची तो जांच के बाद इस जटिल ऑपरेशन को करने का जोखिम लेना स्वीकार किया गया। महिला के पांच सेंटीमीटर का चीरा लगाकर किडनी से सभी स्टोन एक-एक कर निकाल दिए गए। इस ऑपरेशन में करीब तीन घंटे का समय लगा। महिला को तीन दिन बाद छुट्टी दे दी गई। अभी जब महिला फोलोअप में जांच के लिए हॉस्पिटल पहुंची तो वह स्वस्थ और प्रसन्न थी। डॉ धाकड़ ने बताया कि किडनी में स्टोन की समस्या का यूं तो कोई स्पष्ट कारण नहीं होता पर हां खानपान का उचित ध्यान नहीं रखने व पानी कम पीने या ब्लड में अशुद्धि होने से ऐसा संभव होता है। उन्होंने बताया कि महिला के किडनी पूरी तरह से स्टोन से भरी हुई थी। यूं समझों कि किडनी ही स्टोन की हो गई थी। महिला का ऑपरेशन सफल होने और उनकी किडनी सुरक्षित बचाए जाने की उन्हें भी काफी खुशी है।

डॉ धाकड़ की सलाह

डॉ धाकड़ ने सलाह दी कि प्रत्येक व्यक्ति को हाइड्रेशन का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि लोग दिन में कम से कम तीन से साढ़े तीन लीटर पानी जरूरी तौर पर पीएं। अपने शरीर में पानी की उपयुक्त मात्रा बनाए रखें। उन्होंने बताया कि किडनी में स्टोन का बनना एक तरह से ऐसे है कि अशुद्धि तो किडनी में जमा रह जाती है और पानी व पसीने के रूप में निकल जाता है। अंततः स्टोन की शिकायत होने लगती है। लिहाजा दिन में पर्याप्त पानी पीते रहें, जिससे सात से आठ बार पेशाब लगे। निदेशक डॉ दिलीप मित्तल ने बताया कि मित्तल हॉस्पिटल में कोविड-19 की सभी गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा है। रोगी के प्रवेश के समय स्क्रीनिंग की सुविधा, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना, मास्क की अनिवार्यता, और सैनिटाइजेशन नियमों का पूर्ण पालन हो रहा है। मित्तल हॉस्पिटल केंद्र, राज्य सरकार व रेलवे कर्मचारियों ल पेंशनर्स व पूर्व सैनिकों (ईसीएचएस) ईएसआईसी द्वारा बीमित कर्मचारियों, आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित टीपीए द्वारा उपचार के लिए अधिकृत है। 

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