यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rajasthan: वसुंधरा राजे के गृह जिले में कांग्रेस का जिला प्रमुख बना
Rajasthan पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह जिले धौलपुर में कांग्रेस का जिला प्रमुख बना है। वसुंधरा के गृह जिले ...और पढ़ें

जयपुर, जागरण संवाददाता। कांग्रेस राजस्थान के अलवर और धौलपुर जिलों में अपने जिला प्रमुख बनाने में कामयाब रही है। वहीं, भाजपा को दोनों जिलों में झटका लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह जिले धौलपुर में कांग्रेस का जिला प्रमुख बना है। वसुंधरा के गृह जिले में पार्टी का जिला प्रमुख नहीं बनने से भाजपा को राजनीतिक नुकसान हुआ है। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने दोनों जिलों में जिला परिषद सदस्यों के लिए हुए चुनाव में बहुमत हासिल किया था। शनिवार को कांग्रेस ने अपने बोर्ड गठित किए हैं। धौलपुर में कांग्रेस की भगवान दवी और अलवर में बलबीर सिंह जिला प्रमुख बने हैं। अलवर में जिला परिषद के कुल 49 सदस्यों में से कांग्रेस प्रत्याशी बलवीर सिंह को 25 और भाजपा को 20 प्रतिनिधि जीते। शेष चार अन्य निर्वाचित हुए थे। ऐसे में कांग्रेस को बहुमत मिला और वह जिला प्रमुख बनाने में कामयाब रही है।
सीएम अशोक गहलोत ने दी बधाई
धौलपुर में जिला परिषद के 23 सदस्यों के चुनाव में कांग्रेस के 17 और भाजपा के छह सदस्य जीते थे। धौलपुर में भी कांग्रेस को बहुमत मिला है। दोनों जिलों में 22 पंचायत समितियों में प्रधान के चुनाव हुए इनमें से 14 में कांग्रेस, दो में कांग्रेस समर्थित और छह में भाजपा के प्रधान जीते हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई दी है। वहीं, भाजपा में हार के लिए नेताओं की आपसी खींचतान को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार पर जयपुर में द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को राजनीतिक चश्मे से देखने, लापरवाही बरतने और कुप्रबंधन करने के आरोप लगाए थे। वसुंधरा ने ट्वीट में लिखा कि द्रव्यवती रिवर फ्रंट ना सिर्फ उनके नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का एक ड्रीम प्राजेक्ट था, बल्कि यह जयपुर के लाखों लोगों की उम्मीद थी। जिसके लिए हमने संकल्प लेकर 1400 करोड़ रुपये की लागत से एक गंदे नाले को सुंदर और साफ नदी के रूप में बदलने की दिशा में काम किया था। इसका काम पूरा होते ही करीब 47 किलोमीटर लंबे द्रव्यवती रिवर फ्रंट के रूप में एक नए खूबसूरत और साफ सुथरे जयपुर की छवि निखर कर सामने आई थी, लेकिन गहलोत सरकार की संवेदनहीनता और लापरवाही के चलते द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट भी अब अव्यवस्था का शिकार हो गया।
