जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में जारी विवाद खत्म होने के स्थान पर बढ़ता जा रहा है। पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्वमंत्री विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ उनके बेटे अनिरूद्ध सिंह ने मोर्चा खोल रखा है। अनिरूद्ध ने कहा कि राजनीति में पाला बदलना उनके पिता विश्वेंद्र की फितरत में है। वह मौका देखकर पाला बदलते रहते हैं। कभी लोकदल में शामिल हुए तो कभी भाजपा और ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी में गए।

भाजपा में पूर्व उप राष्ट्रपति स्व.भैरोंसिंह शेखावत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खेमे में चले गए। इसके बाद कांग्रेस में शामिल हुए। मंत्री बनने के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे में चले गए और अब सीएम अशोक गहलोत के साथ हैं। अनिरूद्ध ने कहा कि वह और उनकी मां दिव्या सिंह पूर्व राजपरिवार की संपति बचाने के लिए विश्वेंद्र के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

पिता विश्वेंद्र राजपरिवार की संपति को खुर्द बुर्द करना चाह रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर वह और मां दिव्या कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता विश्वेंद्र सिंह से उनका पिछले कई माह से संपर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व राजपरिवार रियासतकाल की सम्पतियों के संरक्षक (कस्टोडियन) है । इस नाते बेचने का अधिकार नहीं है । उन्होंने कहा कि विश्वेंद्र सिंह पूर्व में कुछ सम्पतियां बेच चुके जो गलत है।

पायलट को बताया आदर्श

पायलट को अपना आदर्श और मां दिव्या सिंह को अपना राजनीतिक गुरू बताते हुए अनिरूद्ध का कहना है कि यह दोनों ही मेरा राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। एक बातचीत में अनिरूद्ध ने कहा कि पायलट को दरकिनार कर के कांग्रेस राजस्थान में फिर सत्ता में नहीं आ सकेगी।

उल्लेखनीय है कि पायलट खेमे की बगावत के समय विश्वेंद्र उनके साथ थे। लेकिन बाद में खेमा बदलकर वह गहलोत के पास पहुंच गए। इस बात को लेकर अनिरूद्ध व उनकी मां दिव्या सिंह ने नाराजगी जताई। इसी मुद्दे को लेकर परिवार में विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। विश्वेंद्र के आग्रह पर सरकार ने उनकी सुरक्षा भी बढ़ाई है। सूत्रों के अनुसार व्यक्तिगत बातचीत में विश्वेंद्र ने अपने बेटे और उसके समर्थकों की तरफ से हमला करने की आशंका जताई थी । 

Edited By: Priti Jha