यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भरतपुर पूर्व राजपरिवार में विवाद बढ़ा, अब बेटे ने पिता विश्वेंद्र पर कसा तंज, विश्वासघात
विश्वेंद्र सिंह के परिवार में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। सचिन पायलट के कट्टर समर्थक रहे विश्वेंद्र सिंह के ...और पढ़ें

जयपुर, जागरण संवाददाता। भरतपुर राजपरिवार के पूर्व सदस्य और कांग्रेस विधायक विश्वेंद्र सिंह के परिवार में चल रहा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। विश्वेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर कहा था कि मैं गहलोत के साथ हूं, क्योंकि उन्हें सोनिया गांधी ने सीएम बनाया है। अब तक सचिन पायलट के कट्टर समर्थक रहे विश्वेंद्र सिंह के अचानक पाला बदलने पर बुधवार देर रात 2 बजे उनके बेटे अनिरूद्ध सिंह ने ट्वीट कर लिखा, विश्वासघात। अनिरूद्ध सिंह ने विश्वेंद्र सिंह का नाम तो नहीं लिखा,लेकिन अपने पिता के पाला बदलते ही ट्वीट कर विश्वाघात लिखना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनिरूद्ध ने पिता पर निशाना साधा
भरतपुर के पूर्व राजपरिवार से जुड़े लोगों को कहना है कि अनिरूद्ध ने नाम लिए बिना अपने पिता पर निशाना साधा है। अनिरूद्ध ने यह भी लिखा, राजेश पायलट जी से भैरों सिंह जी, वहां से वसुंधरा राजे जी और अशोक गहलोत से सचिन पायलट, फिर गहलोत साहिब। उल्लेखनीय है कि विश्वेंद्र सिंह अपनी राजनीति के शुरूआती दौर में स्व.राजेश पायलट से जुड़े, फिर तत्कालीन मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता स्व.भैरोंसिंह शेखावत के साथ चले गए। वहां से फिर पार्टी बदलकर गहलोत के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। फिर गहलोत का साथ छोड़कर सचिन पायलट के साथ आए थे। अब एक बार फिर गहलोत के पाले में चले गए। विश्वेंद्र सिंह की इसी राजनीति को लेकर अनिरूद्ध सिंह ने ट्वीट के माध्यम से तंज कसा है।
पिछले दो माह से चल रहा है विवाद
यह कहा जा रहा है कि भरतपुर राजपरिवार में इस मुद्दे पर मतभेद और गहरा सकते हैं। विश्वेंद्र सिंह का अपने बेटे अनिरूद्ध और पत्नी दिव्या सिंह के साथ पिछले दो माह से विवाद चल रहा है । उल्लेखनीय है कि अनिरूद्ध सिंह ने पिछले माह एक ट्वीट कर अपने पिता को हिंसक और शराबी बताया था। उन्होंने लिखा था,मैं छह सप्ताह से पिता के संपर्क में नहीं हूं, मेरे पिता से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि वे मेरी मां के प्रति हिंसक हो गए। वे शराब और कर्ज में डूब गए हैं। हालांकि जब इस ट्वीट की आलोचना हुई तो अनिरूद्ध ने इसे हटा लिया था।
