जोधपुर, संवाद सूत्र। पाकिस्तान में धार्मिक अत्याचारों से परेशान वहां रहने वाले हिंदू परिवार धार्मिक वीजा पर हिंदुस्तान खासकर राजस्थान में जोधपुर, जैसलेमर, बाड़मेर,बीकानेर व गंगानगर इलाको में आकर निवास करते हैं। अब तक यह परिवार पाकिस्तान में धार्मिक अत्याचार से परेशान होकर अपनो के बीच हिंदुस्तान आने की बात भी करते रहे, लेकिन कोई अचानक यह कह दे कि वह अब पाकिस्तान में ही जाकर रहेंगे तो यह चौंकाने वाला हो सकता है। इस पर शायद कोई यकीन भी नही करें, लेकिन ताजा मामला रविवार को तब सामने आया, जब जोधपुर के करवड़ थाना पुलिस ने सीआईडी की इत्तला पर एक बस को रुकवाया, जिसमें तकरीबन 90 पाक विस्थापित लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। ये सभी बिना किसी इत्तला और पूर्व सूचना दिए बगैर पाकिस्तान जा रहे थे। इधर, इन्हीं लोगों की मानें तो इसी प्रकार पांच से छह बसें पहले भी जा चुकी हैं।

करवड़ थाना अधिकारी कैलाश दान के अनुसार, सीआइडी कि इत्तला पर एक बस में पाक विस्थापितों के जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद नाके पर बस को रुकवा कर पड़ताल की गई तो उसमें तकरीबन 91 लोग पाक विस्थापित होना पाया गया, जिसके बाद इसकी इत्तला उच्च अधिकारियों को दी गई। वहीं, बस के बारे में भी पड़ताल की जा रही है। बस में पाक विस्थापितों के होने की जानकारी मिलने के बाद पाक विस्थापित संगठन से जुड़े पदाधिकारी और अन्य लोग भी करवड़ पहुंचे और जानकारी जुटाई। सीआइडी की सूचना पर कडवड़ थाना पुलिस ने निजी ट्रैवल्स की बस जिसमें पाक विस्थापित सवार थे, को रुकवाया तो परिवारों ने बताया कि वह धार्मिक वीजा पर आए थे, यहां रहकर मजदूरी कर रहे थे। उनका वीजा अवधि भी पूरी हो गई,अब वह अपनी मर्जी से वापस अपने देश पाकिस्तान जा रहे हैं। इनके वीजा पासपोर्ट व अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

उठ रहे हैं कई सवाल

पाकिस्तान में अत्याचारों से परेशान अनगिनत पाक विस्थापित हिंदुस्तान पहुंचे, वीजा अवधि पूरी होने के बाद भी कई साल तक देश में निवास करने के बाद बिना किसी एजेंसी को सूचना के यह परिवार अगर वापस पाकिस्तान जाए तो यह सीधा तमाम इंटीलेजेंसी एजेंसी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान पैदा करता है। कई साल यानी 2018,2019 व 2020 में पाकिस्तान से आए परिवार अब अचानक इतने साल हिंदुस्तान में रहने के बाद बिना किसी इत्तला और सूचना के वापस पाकिस्तान जाए तो देश की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना लाजमी है।

गिरोह के सक्रिय होने की संभावना से इन्कार नहीं

इतने साल तक हिंदुस्तान के अलग-अलग शहरों में अवैध रूप से रहने के बाद अचानक बिना एफआरओ को सूचना दिए मनमर्जी से अटारी बार्डर से पाकिस्तान जाने के मामले में पाक विस्थापित संगठन से जुड़े प्रेमाराम भील के अनुसार, यहां आने वाले लोग अधिकांश हरिद्वार और इलाहाबाद की धार्मिक यात्राओं पर वीजा लेकर पहुंचते हैं। लोगों की मानें तो यहां भी एक गिरोह काम करता है, जो इन लोगों से वसूली करता है, बल्कि गुमराह भी करता है। अपुष्ट खबरों के अनुसार, अभी भी इन्हें ट्रेवल्स एजेंट से मिलकर प्रति व्यक्ति पांच हजार लेकर वापस भेजने की बात सामने आई है। जोधपुर से अब तक पिछले दिनों में भी कुुुछ बसें अटारी बार्डर गई हैं, जिसमें भी प्रतिबस तकरीबन इतनी ही संख्या में पाक विस्थापित सवार थे।

रेल सेवा बंद होने से अब बसों से जाते हैं पाकिस्तान

जोधपुर के उपनगरीय रेलवे स्टेशन भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से मुनाबाव खोखरापार एक्सप्रेस ट्रेन संचालित की जाती थी, लेकिन पुलवामा अटैक और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हुई अनबन के बाद इस रेल सेवा थार एक्सप्रेस को बंद कर दिया गया। रेल यातायात के बंद होने के बाद अब पंजाब मार्ग से बस के द्वारा ही आवागमन हो रहा है। ऐसे में संभावना ये व्यक्त की जा रही है, पंजाब में इनके संपर्क हैं, जिससे ये पुनः पाकिस्तान पहुंच रहे हैं।

Edited By: Sachin Kumar Mishra