जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद अब राजस्थान के कांग्रेसी नेताओं की नाराजगी सार्वजनिक होने लगी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) अध्यक्ष बनने के बाद से सीएम विरोधी खेमा सक्रिय हो गया है। आरसीए अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से वंचित रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद रामेश्वर डूडी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है।

रामेश्वर डूडी ने "दैनिक जागरण" को बताया कि दो दिन पहले उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कार्यालय से मिलने के लिए समय मांगा है। वे दिल्ली जाकर दोनों नेताओं को राजस्थान की हकीकत बताएंगे।डूडी ने कहा कि मैंने सीएम को एक माह पहले कह दिया था कि मैं आरसीए के अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहता हूं, लेकिन उन्होंने पुत्रमोह में अपने बेटे वैभव गहलोत को मैदान में उतार दिया और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए मेरा और समर्थक जिला क्रिकेट संघों को चुनाव अधिकारी से मान्यता ही नहीं दिलाई। चुनाव अधिकारी आआर रश्मी को वैभव गहलोत के पक्ष में करने के लिए सरकार में उच्चस्तर से मुख्य सचिव डीबी गुप्ता और कृषिमंत्री लालचंद कटारिया को जिम्मा सौंपा गया।

डूडी ने खुद को राजस्थान का जाट नेता बताते हुए कहा कि मैंने 20 साल तक जाट समाज और किसानों के लिए संघर्ष किया है। पिछले पांच साल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैंने किसानों की आवाज उठाई है। अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे डूडी ने यहां तक कहा कि जो नेता आज राज कर रहे हैं, वे पांच साल विधानसभा में आए ही नहीं थे, मैंने भाजपा के खिलाफ आवाज उठाई थी । डूडी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की शह पर वैभव गहलोत को आरसीए अध्यक्ष पद के चुनाव मैदान में उतारा, जबकि पहले मुझसे वादा किया था। डूडी समर्थकों ने दो दिन बैठक कर तय किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।

डूडी को पायलट समर्थक दे रहे हवा

गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच खींचतान तो राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही चल रही है। अब आरसीए चुनाव को लेकर डूडी ने जिस तरह से गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोला है, उससे पायलट खेमा खुश है। पायलट समर्थक कैबिनेट मंत्री भंवरलाल मेघवाल, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक वेदप्रकाश सोलंकी, दानिश  अबरार, पीआर मीणा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह व सचिव प्रशांत शर्मा इन दिनों डूडी के संपर्क में हैं।

उधर, आरसीए चुनाव में डूडी के पैनल के लोगों ने गुरुवार शाम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया से मुलाकात की। भाजपा कार्यालय में हुई इस मुलाकात में वैभव गहलोत के सामने आरसीए अध्यक्ष का चुनाव हारे रामप्रकाश चौधरी ने पूनिया ने अपने मोबाइल से डूडी की बात कराई बताई।

गहलोत हो रहे विवाद से दूर

अपने 40 साल के राजनीतिक जीवन में अपनी छवि को लेकर सजग रहने वाले सीएम अशोक गहलोत बेटे वैभव गहलोत के आरसीए अध्यक्ष बनने के बाद से बचाव की मुद्रा में है। वे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते है। इसी के चलते उन्होंने वैभव गहलोत को अलग घर में शिफ्ट कर दिया। दो दिन पहले जोधपुर में गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वैभव मेरे बेटे जरूर हैं, लेकिन वे मेरे साथ नहीं रहते। वे किराए के मकान में रहते हैं। राजनीति को लेकर मेरा उनसे कोई रिश्ता नहीं जोड़ा जाए। रामेश्वर डूडी की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि,डूडी मेरे बहुत करीब थे, मगर अब करीब हैं या नहीं पता नहीं। 

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