उदयपुर, जेएनएन। उदयपुर जिले के परसाद थाना क्षेत्र में बारापाल गांव के भांगलाघाट में बुधवार तड़के पैंथर ने घर के आंगन में सो रहे ग्रामीण पर हमला किया और उसका शिकार कर लिया। पैंथर ग्रामीण को घर से लगभग दो सौ मीटर दूर तक घसीट ले गया। पैंथर के हमले और उसके आदमखोर होने पर ग्रामीण खौफ जदा हैं। इधर,
वन विभाग ने घटनास्थल तथा आसपास के छह गांवों में पिंजरा लगाए हैं, ताकि पैंथर पकड़ा जा सके।

जानकारी के अनुसार, भागला घाट निवासी देवीलाल (40) पुत्र कालाजी मीणा पर बुधवार सुबह पैंथर ने उस समय हमला कर दिया जब वह अपने घर के आंगन में सोया हुआ था। पैंथर ने देवीलाल को मुंह में दबाकर उनके घर से करीब दो सौ मीटर दूर ले गया तथा उसके पैर को खा चुका था। पैंथर के हमले के बाद घर वालों ने देवीलाल को बचाने के लिए शोर मचाया और ग्रामीणों ने एकत्रित होकर उसकी तलाश शुरू की। करीब बीस मिनट बाद ग्रामीणों को देवीलाल मिला लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पैंथर उसके गले और पांव को खा चुका था।
ग्रामीणों की सूचना पर वनपाल शांतिलाल और पुलिस उप निरीक्षक नानालाल मौके पर आए। तब तक भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो चुके थे।

बस्ती में घुसने लगा था पैंथर
ग्रामीणों ने बताया कि देवीलाल का घर जंगल से काफी दूर है, जबकि मुख्य सड़क से लगभग दो सौ गज दूरी पर स्थित है। पैंथर के जंगल छोड़कर आबादी क्षेत्र में घुसने की यह पहली घटना नहीं थी। इससे पहले पैंथर कई बार
आबादी क्षेत्र में घुसकर पालतू पशुओं का शिकार कर चुका था। किसी व्यक्ति पर हमले की यह पहली घटना थी। पैंथर के आदमखोर होने की आशंका से ग्रामीणों में खौफ का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पैंथर ने देवीलाल को मारा ही नहीं, बल्कि उसके पैर सहित कई अंगों को खा लिया। इससे उसके आदमखोर होने की शंका गलत नहीं है।

इधर, वन अधिकारियों का कहना है कि पैंथर को पकडऩे के लिए घटनास्थल तथा आसपास के गांवों में पिंजरे लगवाए गए हैं। गर्मी और जंगल में भोजन की कमी के चलते पैंथर आबादी क्षेत्र में घुसने लगा है। वन अधिकारियों ने एक घटना को लेकर उसके आदमखोर होने की आशंका को गलत बताया और कहा कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने चेताया कि वह खुले में सोने से बचें। वन विभाग ने पैंथर के हमले में शिकार व्यक्ति के परिजनों को दो लाख रुपए की
आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

पैंथर के शिकार की तीसरी घटना
पैंथर द्वारा सोते लोगों पर हमला कर उनका शिकार बना लेने की यह एक साल में तीसरी घटना है। इससे पहले पैंथर उदयपुर और राजसमंद जिले की दो बालिकाओं को उठाकर ले गया था। उन दोनों घटनाओं में वन विभाग ने कुछ समय बाद हमलावर पैंथरों को पकड़ लिया था।

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Posted By: Sachin Mishra

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