जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के आदिवासी संभाग उदयपुर की सलंबूर तहसील के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 10 साल की छात्रा को इसलिए स्कूल छोड़ना पड़ा क्योंकि उसने पोषाहार को हाथ लगा दिया था । इससे नाराज शिक्षक और रसोईया ने पूरा पोषाहार ही सड़क पर फेंक दिया और छात्रा को जाति सूचक शब्द कहे । शिक्षकों ने छात्रा को फिर कभी स्कूल नहीं आने की हिदायत देकर घर भेज दिया।

इस पूरे प्रकरण का स्कूल के ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने वीडियो बना लिया। जानकारी के अनुसार सलूंबर तहसील में उथरदा गांव के उच्च प्राथमिक विघालय में कक्षा 4 में पढ़ने वाली दलित छात्रा रिंकु अपने साथ पढ़ने वाले बच्चों के साथ 7 जुलाई को स्कूल की रसाई में पहुंच गई और उसने एक रोटी को हाथ लगा दिया। इससे रसोईया नाराज हो गया और उसने स्कूल के दो शिक्षकों को दलित छात्रा द्वारा रोटी को हाथ लगाने की बात बता दी । शिक्षक भी नाराज हो गया और उन्होंने पूरा पोषाहार ही स्कूल के बाहर सड़क पर फेंक दिया।

शिक्षकों ने छात्रा को जातिसूचक शब्द सुनाते हुए घर भेज दिया। शिक्षकों ने छात्रा को भविष्य में स्कूल नहीं आने की हिदायत भी दी । पूरे प्रकरण का वीडियो स्कूल के ही एक चतुर्थश्रेणी कर्मचारी ने बनाकर वायरल कर दिया ।

इसके बाद छात्रा घर पहुंची तो उसने परिजनों को पूरी बात बताई। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों को प्रकरण की जानकारी दी,ग्रामीणों ने आपबीती सुनाती छात्रा का वीडियो वायरल कर दिया।

वहीं दूसरी तरफ चतुर्थश्रेणी कर्मचारी का वीडियो भी वायरल हो गया। मामला बढ़ने के बाद स्कूल के शिक्षक रविवार को अवकाश के बावजूद छात्रा के घर पहुंचे और परिजनों से माफी मांगी । सोमवार को शिक्षक फिर छात्रा के घर पहुंचे और उसे अपने साथ स्कूल लेकर आए। सोमवार को इस मामले में उदयपुर के जिला कलेक्टर विष्णु चरण मलिक ने रिपोर्ट मांगी है। स्कूल के प्रधानाध्यापक शंकर लाल मीणा ने बताया कि छात्रा को स्कूल लाया गया है।  

Posted By: Preeti jha