जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में राजपुरोहित समाज के दबंगों ने 70 दलित परिवारों के 148 लोगों को गांव से बहिष्कृत कर दिया है। बाड़मेर जिले के कालुदी गांव एक सप्ताह पहले हुए इस घटनाक्रम की पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई,लेकिन अभी तक इन परिवारों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।

दबंगों ने दलितों के बच्चों के स्कूल भेजने,किराने की दुकानों से राशन खरीदने और सार्वजनिक कुओं एवं तालाबों से पानी भरने पर रोक लगा दी है। यही नहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गांव में चलने वाली राशन की दुकानों से भी दलित परिवारों को सामान नहीं दिया जा रहा है। यहीं नहीं दबंग युवक गांव में दिन-रात पहरा दे रहे है कि कहीं दलित परिवार वापस अपने घरों में नहीं पहुंच जाए।

यह है पूरा मामला

दरअसल, राजपुरोहित समाज के कुछ युवकों ने दलितों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद दलित समाज के युवक रावतराम ने टिप्पणी करने वाले युवकों के खिलाफ एससी,एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था।इस बात से नाराज होकर राजपुरोहित समाज ने 15 अगस्त को एक बैठक बुलाई और 16 अगस्त को दलित परिवारों को गांव से बहिष्कृत कर दिया।

गांव से बहिष्कृत किये जाने को लेकर दिनेश उर्फ दानाराम मेघवाल ने बालोतरा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई । दानाराम मेघवाल की शिकायत पर पुलिस ने राजपुरोहित समाज के पदम सिंह,घेवर सिंह,मुकेश सिंह,एदान सिंह,नैन सिंह,हनुमान सिंह,सुरेश सिंह सहित डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323,143 और 341 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गृहमंत्री बोले,मामले की जानकारी करा रहे हैं

गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि वे इस मामले की जानकारी ले रहे हैं। पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने मामले की जांच चलने की बात कही है। 

Posted By: Preeti jha