जयपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए समाज का हर वर्ग अपना कोई न कोई योगदान दे रहा है। राजस्थान में अब इसके लिए कैदी भी आगे आए है। राजस्थान के जेल विभाग की पहल पर जयपुर के सांगानेर में स्थित खुली जेल के कैदी अब लोगों के लिए सैनेटाइजर बना रहे है। जेल विभाग कैदियों से मास्क भी तैयार करवा रहा है और अब तक 36 हजार मास्क बनाए जा चुके है।

जयपुर के सांगानेर में जेल विभाग की एक खुली जेल है जहां उन कैदियों को रखा जाता है कि जिनका चाल चलन अच्छा रहता है। ये कैदी दिन में बाहर जा कर अपना काम कर सकते हैं और यहां परिवार के साथ रह सकते है। लॉकडाउन के दौरान इन कैदियों को रोजगार की समस्या न हो और लोगों की सैनेटाइजर की कमी दूर करने में भी सहायता मिले। इसी उददेश्य से जेल विभाग ने यह काम शुरू किया है। सैनेटाइजर बनाने के लिए जेल विभाग ने सरकार से लाइसेंस लिया है और हैदराबाद की एक कम्पनी इंडियाना एग्रीबायोइंटेक की मदद से सेनेटाइजर बनाने का काम शुरु किया। यह काम कैदियों द्वारा ही कराया जा रहा है।

 जेल विभाग के महानिरीक्षक विकास कुमार ने नई दुनिया से बातचीत में कहा कि हम अपनी इस सेनेटाइजर फैक्टरी में चार से पांच हजार लीटर सैनेटाइजर प्रतिदिन तैयार कर लेंगे। आगे इसमें बढ़ोत्तरी की संभावना भी है। उत्पादन दिन-रात करेंगे। यहां बना  सैनेटाइजर 100 और 500 एमएल की पैकिंग में उपलब्ध कराया जाएगा। सौ एमएल का सेनेटाइजर सिर्फ 50 रूपए में मिलेगा, जो बाजार में ढाई सौ रूपए में मिल रहा है। यह सैनेटाइजर जयपुर के केन्द्रीय कारागार बाहर स्थित जेल उत्पादों की दुकान आशाएं पर उपलब्ध होगा। इसके अलावा सरकार व संस्थाएं यहां से एकमुश्त खरीद भी कर सकेंगी।

उनका दावा है कि देश की किसी जेल में यह पहली सेनेटाइजर फैक्टरी होगी। इससे सांगानेर खुली जेल के 60 से 70 कैदियों को रोजगार मिला है। इन्हें आठ घंटे की शिफट के लिए 350-400 रूपए प्रतिदिन दिया जा रहा है। विकास कुमार का कहना है कि इससे कैदियों को न सिर्फ रोजगार मिला है, बल्कि वे एक नए तरह का काम भी सीख रहे है जो यहां से निकलने के बाद उन्हें काम आएगा।  सैनेटाइजर उत्पादन का शुभारंभ जेल के बुजुर्ग कैदियों के हाथों फीता कटवा कर किया गया। उन्होंने बताया कि अभी हमने सिर्फ सेनेटाइजार बनाना शुरू किया है, क्योंकि इसी की जरूरत थी। एक बार यह जरूरत खत्म होने के बाद इसके साथ ही हम इसी तरह दूसरे उत्पाद जैसे हैंडवाश, किचन सैनेटाइजर आदि भी बनाएंगे।

दस जेलों में बन रहे मास्क-कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जेल विभाग प्रदेश की दस जेलों में ऑटोक्लेव मशीनों से डबल लेयर मास्क भी तैयार करवा रहा है। अब तक 4000 कर्मचारियों, 21000 बंदियों और परिजनों को मास्क बांटे जा चुके है। मास्क व सैनेटाइजर तैयार करने वाले बंदियों को 130-180 रुपए प्रति शिफ्ट मजदूरी दी जा रही है। यह मास्क डबल लेयर का है जो सिर्फ आठ रूपए में मिलेगा। इसके लिए कपडा जयपुर जेल में ही स्थित पावरलूम से लिया जा रहा है। विकास कुमार ने बताया कि अब तक 36 हजार मास्क बना कर अपने कर्मचारियो, उनके परिवारों और बंदियों की जरूरत पूरी कर चुके हैं और अब बाहर जो भी लोग मास्क लेना चाहते है, वे हमसे सम्पर्क कर सकते है।

 COVID19 hospital : ओडिशा में जल्‍द बनेगा 1000 बेड वाला देश का सबसे बड़ा COVID19 अस्पताल

 

Posted By: Babita kashyap

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस