जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा के चुनाव प्रबंधन को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने परिणाम को प्रभावित करने वाली जातियों को साधने की रणनीति बनाई है। इसके तहत पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ.सी.पी.जोशी को चुनाव समन्वय समिति का चेयरमैन बनाने का निर्णय हो चुका है। इसकी अधिकारिक घोषणा अगले कुछ दिनों में कर दी जाएगी।

मोहन प्रकाश को चुनाव घोषणा-पत्र समिति का अध्यक्ष बनाया जा रहा है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अध्यक्ष सचिन पायलट का सहयोग करने के लिए चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का निर्णय भी हो चुका है। इसके लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत,सांसद डॉ.रघु शर्मा,पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा और पूर्व राज्यसभा सदस्य अश्क अली टांक के नामों पर विचार हो रहा है।

कांग्रेस के एक राष्ट्रीय महासचिव ने अपना नहीं छापने की शर्त पर बताया कि टांक और शर्मा के नाम तो लगभग तय हो चुके है,शेष दो नामों को लेकर अभी विचार-विमर्श का दौर चल रहा है। इसके साथ ही जाट समाज के दो नेताओं को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने पर भी विचार हो रहा है। जोशी को चुनाव समन्वय समिति का चेयरमैन और डॉ.रघु शर्मा को पीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर ब्राहम्ण मतदाताओं को साधने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं अश्क अली टांक को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर अल्पसंख्यक मतदाताओं में संदेश देने की रणनीति है। पिछले कुछ समय से वसुंधरा राजे सरकार से नाराज चल रहे राजपूत समाज को पक्ष में करने के लिहाज से दीपेन्द्र सिंह शेखावत को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार हो रहा है। प्रदेश में मीणा समाज के दिग्गज नेता किरोड़ी लाल मीणा के भाजपा में शामिल होकर राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मीणा वोट बैंक को लेकर चिंतित कांग्रेस पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा को भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही है।

मीणा समाज के एक अन्य प्रखर वक्ता रमेश मीणा को भी संगठन में महत्वपूर्ण पद देने पर विचार किया जा रहा है। जाट नेताओं में सुभाष महरिया,महादेव सिंह खंडेला और लालचंद कटारिया में से किन्ही दो को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाने पर भी मंथन हो रहा बताया।

रघुवीर मीणा के जरिए कांग्रेस ने आदिवासी कार्ड खेला

कांग्रेस की शीर्ष कमेटी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) का एलान कर दिया गया है। कांग्रेस की नई सीडब्ल्यूसी में राजस्थान से तीन नेताओं को जगह मिली है। 23 सीडब्ल्यूसी सदस्यों में से राजस्थान से अशोक गहलोत और रघुवीर मीणा को जगह मिली है, जबकि जितेंद्र सिंह को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। पूर्व सांसद रघुवीर मीणा को सीडब्ल्यूसी सदस्य बनाकर कांग्रेस ने आदिवासी कार्ड खेला है, रघुवीर मीणा का कांग्रेस में कद बढ़ाया गया है।

मीणा की नियुक्ति को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में आदिवासी इलाके का समीकरण साधने के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है। रघुवीर मीणा के जरिए कांग्रेस ने न केवल उदयपुर संभाग बल्कि इससे सटे गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में भी मैसेज देने का प्रयास किया है। कांग्रेस के अंदरूनी सियासी समीकरणों के लिहाल से देखें तो रघुवीर मीणा अशोक गहलोत के नजदीकी हैं और गहलोत अपने विश्वासपात्र को कांग्रेस की शीर्ष बॉडी में शामिल करवाने में कामयाब रहा है। 

Posted By: Preeti jha