जागरण संवाददाता, जयपुर। कांग्रेस ने अलवर मॉब लिंचिंग मामले की सीबीआइ से न्यायिक जांच कराने की मांग की है। इधर, राज्य सरकार ने पहले से ही मामले की जांच सीबीआइ को सौंपने का मन बना लिया है। इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों से प्रदेश के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया और मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की टेलीफोन पर चर्चा हो चुकी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के जयपुर पहुंचने के बाद इस बारे में अधिकारिक रूप से केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा जा सकता है। मुख्यमंत्री सोमवार को झालावाड़ जिले के दौरे पर है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के संपर्क में है। अलवर मॉब लिंचिंग मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है। इधर, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मामले की सीबीआइ से न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि मृतक अकबर को तीन घंटे तक पुलिस ने कहां रखा और क्या किया। इसी तरह के एक मामले में पहले पहलू खां की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों से राजस्थान की छवि खराब हो रही है। गहलोत ने कहा कि इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ठीक ही कहा कि अलवर की घटना पीएम नरेंद्र मोदी और भारत की तस्वीर है, क्योंकि सरकार की विफलता के चलते आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व केंद्रीय मंत्री व अलवर के पूर्व सांसद जितेंद्र सिंह ने भी मॉब लिंचिंग मामले की सीबीआइ के साथ ही न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पायलट ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जैसे-जैसे पीएम प्रसिद्ध होंगे, वैसे-वैसे इस तरह की घटनाएं होगी। सीबीआइ जांच की मांग को लेकर एक-दो दिन में आंदोलन की तैयारी कर रही है। 

सरकार ने मंत्री और कांग्रेस ने नेताओं को अलवर भेजा
मॉब लिंचिग मामले को लेकर राजस्थान में राजनीति भी तेज हो गई है। चुनाव से करीब चार माह पहले हुई इस घटना का अपने-अपने वोट बैंक पर पड़ने वाले असर को लेकर सत्तारूढ़ दल भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने गुणा-भाग करना प्रारंभ कर दिया है। हालात को देखते हुए भाजपा सरकार ने कैबिनेट मंत्री डॉ. जसवंत यादव और हेम सिंह भड़ाना को अलवर भेजा है। वहीं, जिले के विधायकों व मुस्लिम नेताओं को हालात सामान्य होने तक अलवर जिले में ही रहने के लिए कहा है। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने पार्टी के नेताओं को अलवर व रामगढ़ क्षेत्र में रहने के लिए कहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, सांसद कर्ण सिंह यादव, राज्य के पूर्व मंत्री एमामुद्दीन अहमद और पूर्व विधायक जुबेर खान सहित अन्य नेता आगामी एक सप्ताह तक अलवर जिले में रहेंगे।

Posted By: Sachin Mishra