जयपुर, जागरण संवाददाता। Rajasthan CM Ashok Gehlot. महाराष्ट्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले और अजीत पवार के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि विजय अंतत: सत्य की ही होती है। मंगलवार को संविधान दिवस के मौके पर लोकतांत्रिक मूल्यों की विजय हुई और महाराष्ट्र की जनता को न्याय मिला है। संविधान दिवस पर यह घटना इतिहास में दर्ज हो गई है। गहलोत ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि संविधान की जीत हुई और भाजपा का असली चेहरा सबके सामने आ गया। यह उन सभी के लिए सबक है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को तोड़-मरोड़ कर अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं।

इससे पहले मीडियाकर्मियों से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ, वैसा आज तक के इतिहास में कभी नहीं हुआ। राज्यपाल ने रात में कब सरकार बनाने की मंजूरी दी। कब कैबिनेट की मीटिंग हुई या नहीं। राष्ट्रपति को रिकमेंड कर दिया गया। राष्ट्रपति ने कब साइन किए, पता नहीं। रात को अंधेरे में जिस रूप में लोकतंत्र की हत्या की गई है, उसको देश कभी भूलेगा नहीं। अब सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया है, वह सबको मानना है।

तीनों स्तंभों के मजबूत संतुलन से कायम है लोकतंत्र

संविधान दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सीएम गहलोत ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि संविधान बनने के 70 साल बाद भी हमारी विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में संतुलन कायम है। लोकतंत्र में इन तीनों स्तंभों की मजबूती और उनके बीच संतुलन से आज भी हमारा लोकतंत्र कायम है।

न्यायालयों में लंबित मामलों की चर्चा करते हुए गहलोत ने कहा कि अक्सर लोग न्यायालयों की शरण में तब जाते हैं, जब कार्यपालिका से उनको निराशा हाथ लगती है। आंकड़ों पर गौर करें तो न्यायालयों में लाखों की संख्या में मामले लंबित हैं, जो देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय प्रदान करने की संविधान की मूल भावना पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं। 

राजस्थान की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Sachin Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस