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राजस्थान में पुलिस हिरासत में CJP नेता, 100 किलोमीटर घुमाने के बाद किया रिहा  

Published: Fri, 09 Oct 2026 04:22 PM (GMT+05:30)

CJP ने राजस्थान पुलिस पर अलवर में अपने सह-प्रभारी दीपक बलियान को हिरासत में लेने और दुर्व्यवहार करने का आरोप ...और पढ़ें

CJP नेता दीपक बलियान को अलवर से हिरासत में लिया गया।

CJP नेता दीपक बलियान को अलवर से हिरासत में लिया गया।

HighLights

  1. CJP नेता दीपक बलियान को अलवर से हिरासत में लिया गया।

  2. पुलिस पर जबरन हिरासत और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया।

  3. पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया, निगरानी जारी रखने की बात कही।

डिजिटल डेस्क, जयपुर। CJP ने राजस्थान पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसके संगठनात्मक सह प्रभारी दीपक बलियान को गुरुवार रात अलवर जिले में उनके आवास से जबरन हिरासत में लिया और उनके पैर में फ्रैक्चर के बाद भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा कि पुलिस बालियान को 8 अक्तूबर को कठमूर स्थित उनके घर से ले गई और देर रात रिहा कर दिया। बलियान ने शुक्रवार को राजस्थान पुलिस पर पिछली रात अलवर जिले में उनके आवास से जबरन ले जाने का आरोप लगाया।

ले जाने से पहले जबरन किया नजरबंद

कठमूर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत मनखेड़ा गांव के निवासी बलियान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि पुलिस ने उसे जबरन ले जाने से पहले उसे घर में नजरबंद कर दिया था।

बलियान ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका मोबाइल फोन और चप्पलें भी जब्त कर लीं और उनसे जबरदस्ती लिखित में हस्ताक्षर करवाए कि उनके साथ कोई पिटाई नहीं हुई है।

बालियान ने चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर पुलिस इसी तरह की कार्रवाई जारी रखती है तो कठमूर अगला जंतर-मंतर बन जाएगा।'

SHO ने फोन जब्त की बात को किया खारिज

कठमूर के SHO चंद्रशेखर शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद एक टीम बलियान को सूचित करने के लिए उनके आवास पर गई और बताया कि दिल्ली में BNS धारा 163 लागू है और उन्हें इसके बारे में समझाया गया।

SHO ने आगे कहा कि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। थाना प्रभारी ने बलियान के फोन जब्त करने के आरोप को निराधार बताया।

बलियान के परिवार ने दी मामले की जानकारी

बलियान के परिवार के अनुसार पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उनसे कहा कि स्थानीय स्टेशन हाउस अधिकारी ने उन्हें बुलाया था। बलियान ने पुलिस की कार्रवाई को सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम किया।

परिवार का दावा है कि पुलिस टीम चली गई, लेकिन थोड़ी देर बाद वापस लौटी और बलियान से वीडियो हटाने के लिए कहा। परिवार ने आरोप लगाया कि जब बलियान ने वीडियो हटाने से मना कर दिया तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

'पुलिस ने गुंडों की तरह व्यवहार किया'

रांका ने आरोप लगाया कि बलियान के पैर में फ्रैक्चर था लेकिन पुलिस फिर भी उसे घसीटते हुए ले गए जिससे उसके पैर में और चोट आईं हैं।

रांका ने सोशल साइट X पर एक पोस्ट में कहा कि बलियान को उसके घर छोड़ने से पहले लगभग 100 किमी की यात्रा पर ले जाया गया था। रांका ने पोस्ट में कहा कि अच्छा है पुलिस को अपनी सीमाओं का एहसास है।

इससे पहले के एक पोस्ट में रांका ने बलियान और उनके भाई के साथ कथित व्यवहार को लेकर राजस्थान पुलिस पर गुंडों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया था।