विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: जहाजपुर में टावर पर चढ़े भीलवाड़ा भाजपा के नगर अध्यक्ष, समर्थन में धरने पर बैठे विधायक गोपीचंद

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Wed, 22 Sep 2021 09:51 PM (IST)

Protest In Jahazpur जहाजपुर में भाजपा के नगर अध्यक्ष भैरूलाल टांक राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए मोबाइल ...और पढ़ें

जहाजपुर में भीलवाड़ा भाजपा के नगर अध्यक्ष भैरूलाल टांक टावर पर चढ़ गए। फोटो जागरण
जहाजपुर में भीलवाड़ा भाजपा के नगर अध्यक्ष भैरूलाल टांक टावर पर चढ़ गए। फोटो जागरण

उदयपुर, संवाद सूत्र। भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में बुधवार को भाजपा के नगर अध्यक्ष भैरूलाल टांक राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए मोबाइल टावर पर चढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और स्थानीय अधिकारी जन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। वहीं, जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने भी टावर के नीचे धरना देकर विरोध जताया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश जारी है लेकिन अभी तक टांक अभी टावर से नीचे नहीं उतरे। मौके पर उपखंड अधिकारी महावीर शर्मा, तहसीलदार मुकुंद सिंह शेखावत तथा थानाप्रभारी राजकुमार नायक बने हुए हैं और समझाइश का दौर जारी है। वहीं सुरक्षा के सभी इंतजाम किए हुए हैं।

भाजपा के नगर अध्यक्ष भैरूलाल टांक ने जहाजपुर नगर पालिका के अधिकारी सुरेंद्र मीणा की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी वजह से जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। शहर गंदगी से अटा पटा है और बीमारी फैल रही है लेकिन जनहित के कोई काम नहीं किए जा रहे। यहां तक प्रशासन शहरों के संग अभियान की तैयारी तक नहीं की गई। उनका कहना है कि पार्टी के नगर अध्यक्ष ही नहीं बल्कि पार्षद होने के नाते उन्होंने पालिका बोर्ड की बैठकों में हर बार लिखित में समस्याओं के समाधान की मांग की लेकिन उनकी मांगों पर कभी विचार तक नहीं किया गया। उनका कहना है कि राज्य सरकार को भी वह कई बार पत्र लिख चुके हैं लेकिन समाधान नहीं किए जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। इधर, विधायक गोपीचंद मीणा भी वहां पहुंचे तथा उन्होंने टांक के समर्थन में कार्यकर्ताओं के साथ धरना शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी है और टांक मोबाइल टावर पर जमे हुए हैं।

इधर, लोगों का कहना है कि मुख्य विवाद जन समस्याओं के समाधान से ज्यादा विधायक गोपीचंद मीणा तथा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र मीणा के बीच अनबन का है। बताया जा रहा है कि पूर्व में अधिशासी अधिकारी और विधायक के बीच कई बार कहासुनी हो चुकी है। जिसको लेकर विधायक गोपीचंद मीणा ने अधिशासी अधिकारी के खिलाफ मानहानी का दावा भी कर रखा है, जो विचाराधीन है। जबकि पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र मीणा ने विधायक गोपीचंद मीणा के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कराया हुआ है।