उदयपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान में उदयपुर शहर के समीपवर्ती गांव ऊंदरी के सरकारी स्कूल के बच्चों ने गुरुवार को ताला जड़ दिया। इस स्कूल के बच्चे इसलिए परेशान हैं कि उन्हें बैठने तक के लिए ना तो पर्याप्त कक्षाएं हैं और ना ही खेल मैदान। आठ कमरों के स्कूल में दसवीं तक के आठ सौ बच्चे पढ़ते हैं और दो कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाई कराई जाती है। जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। खेल मैदान के अभाव में यह स्कूल किसी जेल से कमतर नहीं। उदयपुर के नाई क्षेत्र में राजकीय सेकेंडरी स्कूल के बच्चों ने परेशान होकर गुरुवार को स्कूल को ताला जड़ दिया। उन्होंने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और कहा कि उन्हें हर कक्षा के लिए अलग से कमरा चाहिए और साथ ही खेल मैदान भी। स्कूल में दसवीं तक के आठ सौ से अधिक बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन इन कक्षाओं के लिए कमरे केवल आठ ही हैं।

जानें, क्या है मामला, किसने-क्या कहा

एक क्लास में शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार चालीस से अधिक बच्चे हो तो नया सेक्शन बनाया जाता है, लेकिन यहां औसतन हर क्लास में अस्सी से अधिक विद्यार्थी हैं। लेकिन उन्हें एक कमरा भी उपलब्ध नहीं। ऐसे में एक ही कमरे में दो अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को ठूंसकर पढ़ाया जाता है। इसी से बच्चे तंग आ चुके हैं। इसी को लेकर गुरुवार बच्चे आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि हर कक्षा के लिए अलग से कमरा और खेल मैदान विकसित नहीं किया तो वह स्कूल नहीं खुलने देंगे। बच्चों को अभिभावकों का साथ भी मिला हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के छोटे भवन को लेकर कई बार जिला शिक्षा अधिकारी को समस्या बताई गई, लेकिन कभी भी इसके निराकरण के उपायों को लेकर प्रयास तक नहीं किए गए।

शिक्षा अधिकारी का आश्वासन

गुरुवार को जब स्कूल पर ताला जड़ने के बाद हंगामे की सूचना शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिली तो वह स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों और उनके अभिभावकों की बात सुनी तथा जल्द ही समस्या के समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी शिवजीराम गौड़ ने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्कूल में तीन नए कमरों का निर्माण कराया जाएगा। खेल मैदान के लिए समीप ही भूमि को लेकर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेंगे।  

Edited By: Sachin Kumar Mishra