जागरण संवाददाता, जयपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम का कहना है कि मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने की प्रक्रिया यूपीए सरकार में शुरू हुई थी। मसूद अजहर से पहले हफीज सईद और लखवी को भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने की प्रक्रिया यूपीए सरकार के समय वर्ष 2009 में शुरू हुई थी।

उन्होंने कहा कि मसूद अजहर को भाजपा सरकार के समय ही छोड़ा गया था। पुलवामा की घटना को खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता बताते हुए चिदंबरम ने कहा कि इसके लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र जनता का घोषणापत्र है और भाजपा का घोषणापत्र पुराने की फोटो कापी है। शनिवार को जयपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में आतंकी और नक्सली घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में छह सर्जिकल स्ट्राइक हुई थीं, लेकिन इनका प्रचार नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि पिछले 49 वर्षों में देश में सबसे अधिक बेरोजगारी की दर अभी है। मोदी पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि न्याय योजना पर जीडीपी एक फीसद से भी कम खर्च होगा। कांग्रेस सरकार द्वारा जीडीपी का एक फीसद खर्च करके देश की 20 फीसद आबादी को फायदा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में आज रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। पिछले पांच साल में केंद्र सरकार में चार लाख खाली पदों पर भर्ती नहीं हुई, राज्यों में भी 20 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं।

केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर अलग से किसान बजट बनाने की बात चिदंबरम ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में किसान खुश नहीं हैं। चिदंबरम ने कहा कि चार फेज में 375 लोकसभा सीटों पर अब तक चुनाव हुए हैं। इन चरणों तक कांग्रेस और उसके सहयोगी दल भाजपा से आगे हैं। पांचवें फेज के चुनाव में भी कांग्रेस आगे रहेगी।

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Posted By: Sachin Mishra

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