यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chandipura Virus: राजस्थान में खतरनाक चांदीपुरा वायरस ने दी दस्तक, एक बच्चे की मौत; दूसरा अस्पताल में भर्ती
गुजरात के बाद खतरनाक चांदीपुरा वायरस ने अब राजस्थान में दस्तक दे दी है। उदयपुर के दो बच्चों में वायरस ...और पढ़ें

HighLights
- 1966 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में फैला था वायरस।
- 15 साल से कम उम्र के बच्चों को होता है अधिक खतरा।
- बच्चों को उल्टी-दस्त के साथ बुखार की होती है शिकायत।
संवाद सूत्र, उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले में दो बच्चों में खतरनाक चांदीपुरा वायरस के लक्षण मिले हैं। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का उपचार हिम्मतनगर (गुजरात) के अस्पताल में चल रहा है। प्रदेश में खतरनाक संक्रमण की एंट्री की सूचना के साथ ही चिकित्सा विभाग सक्रिय हो गया है तथा संबंधित बच्चों के गांवों में सर्वे शुरू कर दिया है।
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उल्टी-दस्त के मरीजों की निगरानी भी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1966 में महाराष्ट्र के नागपुर स्थित चांदीपुरा गांव में पहली बार बच्चों में नया संक्रमण देखा गया, जिसके चलते इसका नाम चांदीपुरा वायरस रखा गया। इससे संक्रमित बच्चों को उल्टी-दस्त के साथ बुखार की शिकायत होती है।
इन बच्चों को अधिक खतरा
15 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा इसका शिकार होते हैं। उन्हीं में मृत्यु दर भी सबसे ज्यादा रहती है। चांदीपुरा संक्रमण के इलाज के लिए अभी कोई एंटी वायरल दवा नहीं है। इस वायरस को वर्ष 2004, 2006 और 2019 में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में रिपोर्ट किया गया था। वायरस सबसे अधिक मादा फ्लेबोटोमाइन मक्खी से फैलता है।
