जोधपुर, संवाद सूत्र। Blind Girl student. राजस्थान में जोधपुर के कमला नेहरू नगर स्थित नेत्रहीन हॉस्टल छात्रा को उसकी वार्डन और कामकाजी चपरासी ने कानपुर भेजने के बजाय जयपुर की ट्रेन में बिठा दिया। यात्रियों से पता लगने पर नेत्रहीन छात्रा जयपुर जीआरपी थाने पहुंची। यहां उसने हॉस्टल वार्डन और चपरासन के खिलाफ केस दर्ज करवाया। मामला जोधपुर के प्रतापनगर थाने का होने पर बिना नंबर एफआइआर कमिश्नर कार्यालय भेज दी गई है, जिसके बाद डाक से मिली रिपोर्ट पर प्रतापनगर थाने में वार्डन और चपरासन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। अभी इस संबंध में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

प्रतापनगर पुलिस ने बताया कि इस बारे में मध्य प्रदेश के छतरपुरा की रहने वाली नेत्रहीन छात्रा कुसुम कुशवाह पुत्री बुद्ध प्रसाद कुशवाह ने यह रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वह जोधपुर में कमला नेहरू नगर डी सेक्टर स्थित नेत्रहीन विकास संस्थान में अध्यनरत है। यहां वह इसके हॉस्टल मेें रहती है। बीच में लॉकडाउन चल रहा था। तब वह अपने घर नहीं जा पाई थी। गत 13 जून को उसके हॉस्टल वार्डन बिंदू सिंह, रूपाली ने चपरासन सुमन के साथ मिलकर उसे कानपुर के बजाय जोधपुर-जयपुर जाने वाली ट्रेन में बिठा दिया और कहा कि यह ट्रेन सीधे कानपुर जाएगी। उसे कानपुर जाना था।

रास्ते में यात्रियों से मिली जानकारी के बाद वह जयपुर रेलवे स्टेशन उतरी और जीआरपी थाने पहुंची, जिसके बाद वहां से जीरो नंबर एफआइआर दर्ज कर जोधपुर भेजी गई। रिपोर्ट में वार्डन बिंदु सिंह, रुपाली व चपरासन सुमन के खिलाफ उसे परेशान करने के साथ समय पर खाना भी नहीं देने का आरोप लगाया। इसके अलावा रिपोर्ट में ये सभी पर आरोप लगाते हुए कहा गया ये तेरे पिछले जन्मों का फल है, जो इस जन्म में तू नेत्रहीन है। प्रतापनगर पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज किया गया है। बिना नंबर एफआइआर जयपुर जीआरपी से कमिश्रर कार्यालय जरिए डाक से आई थी। अब इस बारे में प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। नेत्रहीन छात्रा अभी कानपुर में है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।