नई दिल्ली/जयपुर, एजेंसियां। राजस्थान में सियासी उथल पुथल के बीच कांग्रेस के बड़े नेता सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। सचिन पायलट की बर्खास्तगी के बाद राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने निवास स्थान पर मंत्रिमंडल की बैठक की। यह बैठक शाम 7:30 से शुरू होकर रात 10:30 बजे तक हुई। अशोक गहलोत की अगुवाई में हुई मंत्री परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय भी लिए गये। 

वहीं, दूसरी ओर राजस्थान में एक बार फिर सोमवार की तरह मंगलवार को भी राजनीतिक उठा पटक चलती रही। कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक के लिए बागी नेता सचिन पायलट को आमंत्रण भेजा था लेकिन पायलट ने इस बैठक में शामिल नहीं हुए थे। जिसके बाद उन्हें मंत्री और पार्टी के पदों से हटा दिया गया। पायलट के साथ ही उनके करीबी नेता विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को भी मंत्रिपद से हटा दिया गया। 

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- गहलोत मंत्री परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गये हैं। जिसमें पूर्वी राजस्थान नहर प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने के लिए प्रस्ताव का अनुमोदन, प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए लागू होगी वन स्टॉप शॉप प्रणाली अहम है। इसके अलावा प्रदेश में 223 करोड रुपए का निवेश किए जाने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गयी है।

- पिछले तीन घंटे से अशोक गहलोत के निवास पर हो रही बैठक खत्म हो गई है। राजस्थान सरकार के सभी मंत्री एक बार फिर होटल के लिए रवाना हो गए।

- अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हो रही कैबिनेट की बैठक में 9 मंत्री बनाने पर भी मंथन चला। जबकि बैठक शुरू होते ही सबसे पहले गोविंद सिंह डोटासरा को बधाई दी गई।

- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य मंत्रियों के साथ फेयरमाउंट होटल से अपने आवास के लिए रवाना हुए थे। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक  मंगलवार शाम 7:30 बजे सीएम आवास पर और आठ बजे मंत्रिपरिषद की बैठक होनी थी।

- उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद हटाए जाने के बाद सचिन पायलट ने 'राम राम सा' लिखकर  ट्वीट किया है कि उन सभी लोगों को मेरा धन्यवाद और आभार जो आज मेरे समर्थन में सामने आए हैं। 

कांग्रेस ने दावा किया है कि पार्टी के पास 102 विधायकों का समर्थन हैं और इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिन में राज्यपाल कलराज मिश्रा के पास पहुंच गए थे। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने भाजपा सरकार सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के मंसूबे पूरे नहीं हुए उन्होंने कर्नाटक और मध्यप्रदेश में धनबल के आधार पर जो कुछ भी खेल खेला था राजस्थान में भी वो लोग वही करना चाहते थे। राजस्थान में खुला खेल था और मैं समझता हूँ कि खुले खेल में वो लोग मात खा गए हैं।

सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कुछ महीनों से राजस्थान की सरकार गिराने की साजिश रची जा रही थी। हमने उनको पूरा मौका दिया लेकिन वह लगातार सरकार के खिलाफ ट्वीट करते रहे और बिल्कुल आ बैल मुझे मार जैसे हालात बना दिए थे।

वहीं, दूसरी ओर पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट के समर्थकों में रोष का माहौल देखने को मिला। पायलट समर्थित विधायक और लोगों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया।  

Posted By: Dhyanendra Singh

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