जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार इस माह के अंत में होने की उम्मीद है। अशोक गहलोत सरकार में नए बनने वाले मंत्रियों के नाम और संख्या तय करने को लेकर शीघ्र फैसला हो सकता है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश लेकर संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अजय माकन शनिवार रात जयपुर पहुंचे। दोनों नेताओं ने सीएम के साथ मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर लंबी चर्चा की।

रविवार को सुबह एक बार फिर तीनों नेताओं की बैठक होगी। इस बैठक में उन विधायकों के नामों पर चर्चा होगी, जिन्हे सत्ता में भागीदारी दी जाएगी। वेणुगोपाल और माकन इससे पहले पायलट के साथ दिल्ली में बैठक कर चुके हैं। इसी बीच रविवार सुबह 10:30 बजे विधायकों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में दोनों नेता मौजूद रहेंगे ।

पायलट लगातार बना रहे थे दबाव

दरअसल, पिछले साल पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे की बागवत को थामने के लिए कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष स्व.अहमद पटेल और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहल की थी । उस समय पायलट समर्थकों को सत्ता और संगठन में महत्व देने का वादा किया गया था। वादा पूरा करने को लेकर पायलट लगातार आलाकमान पर दबाव बना रहे थे । लेकिन मुख्यमंत्री मानने को तैयार नहीं थे। अब सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में पायलट समर्थकों को स्थान देने को तैयार हो गए। हालांकि मंत्रियों की संख्या को लेकर अभी खींचतान है। इसी विषय पर सहमति बनाने के लिए वेणुगोपाल व माकन गहलोत के साथ रविवार को बात करेंगे। पहले गहलोत के दिल्ली जाने का कार्यक्रम था।

राज्य में बन सकते हैं अधिकतम 30 मंत्री

200 सदस्यीय विधानसभा के 15 फीसदी के हिसाब से सरकार में 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में सीएम के अतिरिक्त 20 मंत्री है। इस लिहाज से 9 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। गहलोत चाहते हैं कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 में से 2 और 13 निर्दलीय विधायकों में से 2 को मंत्री बनाया जाए। सीएम कांग्रेस के 2 से 3 अपने समर्थक विधायकों को भी मंत्री बनाना चाहते हैं। वह पायलट खेमे को 2 या 3 से ज्यादा मंत्री पर देने के मूड में नहीं है। वहीं, पायलट 4 से 5 की मांग कर रहा है।

वेणुगोपाल और माकन इसी मद्दे पर सहमति बनाने में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार जिन वरिष्ठ विधायकों को मंत्रिमंडल के स्थान नहीं मिल सकेगा,उन्हे राजनीतिक नियुक्तियों के माध्यम से उपकृत किया जाएगा। संगठन में जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की नियुक्तियां भी अलग चार-पांच दिन में होनी है। 

Edited By: Priti Jha