जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले देश के लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि आसाम में इसे लागू करने को लेकर क्या परेशानी हुई। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या बिगड़ती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर लोगों का ध्यान हटाने के लिए नागरिकता संशोधन कानून एवं एनआरए का शगूफा छोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून पर चर्चा हुई। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने बताया कि मंत्रिपरिषद में नागरिकता संशोधन कानून को अव्यवहारिक बताते हुए प्रदेश में इसे लागू नहीं करने पर विचार किया गया। हालांकि उन्होंने निर्णय होने की बात नहीं कही।

शर्मा ने कहा कि इस कानून के कारण देश का माहौल बिगड़ रहा है। केंद्र सरकार को इस पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए। बैठक में सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान से टिड्डी दलों के आने से फसल खराबे को लेकर चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को किटनाशक रसायन खरीदने के लिए पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।

सरकार सहकारी संस्थाओं के माध्यम से रसायन का फसल पर छिड़काव कराएगी कृषि विस्तार कार्यकर्ता रसायन की खरीद कर सहकारी संस्थाओं तक पहुंचाएंगे। इसके साथ ही केंद्र सरकार से टिड्डी नियंत्रण के लिए उपयोग में आने वाली मशीने उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। शर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने गुजरात को तो इस मामले में मदद की, लेकिन राजस्थान की उपेक्षा की। बैठक में निरोगी राजस्थान अभियान पर चर्चा कर इससे आम लोगों को जोड़ने की योजना बनाई गई । 

Posted By: Preeti jha

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