विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: उदयपुर में घूसखोर दिव्या के भ्रष्टाचार का रिसोर्ट ध्वस्त, खेती की जमीन का किया कॉमर्शियल उपयोग

By Versha SinghEdited By: Versha Singh
Published: Sat, 04 Mar 2023 09:07 AM (IST)

कुछ समय पहले दो करोड़ की रिश्वत लेते हुए एसीबी द्वारा अजमेर एसओजी की तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिव्या मित्तल ...और पढ़ें

उदयपुर में घूसखोर दिव्या के भ्रष्टाचार का रिसोर्ट ध्वस्त
उदयपुर में घूसखोर दिव्या के भ्रष्टाचार का रिसोर्ट ध्वस्त

उदयपुर। दो करोड़ की रिश्वत लेते एसीबी द्वारा गिरफ्तार अजमेर एसओजी की तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) का उदयपुर के चिकलवास स्थित आलीशन 'नेचर हिल पैलेस' रिसोर्ट को नगर विकास प्रन्यास(यूआईटी) उदयपुर ने शुक्रवार अलसुबह ध्वस्त कर दिया। खेती की जमीन पर फार्म हाउस के नाम पर बनाए इस रिसोर्ट का कॉमर्शियल उपयोग लिया जा रहा था।

यूआईटी उदयपुर ने एक मार्च को एएएसपी दिव्या मित्तल के रिसोर्ट पर नोटिस चस्पा कर उसे 24 घंटे में खाली करने को कहा था। जिसकी पालना नहीं किए जाने पर गुरुवार शाम को बुलडोजर और कई जेसीबी ले जाकर यूआईटी अधिकारियों ने कार्रवाई की चेतावनी दी। जिसके बाद देर रात रिसोर्ट में ठहरे कलाकारों के दल ने अपना सामान रिसोर्ट के बाहर निकाल लिया और दूसरी जगह शिफ्टिंग करने लगे।

बताया जा रहा है कि दिव्या मित्तल ने यूआईटी से शहर से करीब 25 किमी दूर चिकलवास गांव में खेती की जमीन खरीदी और फॉर्म हाउस बनाने की मंजूरी ली थी। लेकिन वहां रिसोर्ट बनाकर कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। ऐसे में यूआईटी ने पहले तो नोटिस देकर जबाव मांगा, लेकिन जबाव नहीं मिला तो यूआईटी टीम गुरुवार देर रात कार्रवाई करने पहुंच गई।

भू उपयोग परिवर्तन कराए कॉमर्शियल उपयोग किया

दिव्या मित्तल ने इस फार्म हाउस का भू-उपयोग परिवर्तन करावा कर आलीशान रिसोर्ट बनवा लिया था। कॉमर्शियल रूप से उपयोग होने के कारण यूआईटी ने इसे गलत माना। बताया गया कि रिसोर्ट का प्रति दिन तीन से पांच लाख रुपए तक किराया लिया जा रहा था।

यूआईटी तहसीलदार विमलेंद्रसिंह का कहना है कि दिव्या और सुमित के नाम से यूआईटी ने फॉर्म हाउस बनाने की मंजूरी दी थी। तब आधी जमीन कृषि खाते की थी। यहां बिना अनुमति रिसोर्ट बना लिया गया। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर यूआईटी ने यह कार्रवाई की।

अजमेर एसओजी ग्रुप की एएसपी दिव्या मित्तल ने हरिद्वार के दवा कारोबारी को केस से बाहर निकालने को लेकर दो करोड़ रुपए की रिश्वत उसके लिए दलाली करने वाले पूर्व पुलिसकर्मी सुमित जाट के जरिए मांगी थी। जिसकी शिकायत पर एसीबी ने 16 जनवरी को दिव्या मित्तल को पकड़ा था। सुमित जाट भी पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जेल में है। जानकारी के अनुसार, सुमित जाट उदयपुर स्थित दिव्या के रिसोर्ट में भागीदार है।

प्रदेश में बुलडोजर की यह तीसरी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर राजस्थान में भी अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों की प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। एएसपी दिव्या मित्तल के रिसेार्ट पर बुलडोजर चलाए जाने से पहले राजस्थान सरकार ने पेपर लीक प्रकरण में भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका के जयपुर स्थित अधिगम कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग पर भी बुलडोजर चलाया था। उसके बाद सारण के घर पर भी बुलडोजर चलाया था।

लग्जरी लाइफ की शौकीन दिव्या

उदयपुर में पुलिस उप अधीक्षक रही दिव्या के बारे में यहां के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिव्या हमेशा से लग्जरी लाइफ की शौकिन थी। उदयपुर में उनके रिसोर्ट नेचर हिल पैलेस के बारे में वह जानते थे लेकिन इसके अलावा उनकी और भी प्रॉपर्टी हो सकती है, जो दिव्या ने अपने रिश्तेदारों के नाम से खरीदी है। दिव्या हर साल प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करती है।

पर्सनल लाइफ रही उतार-चढ़ाव भरी

मिली जानकारी के अनुसार, दिव्या मित्तल की पर्सनल लाइफ बेहद उतार—चढ़ाव वाली रही है। जून 2014 में दिव्या की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हिसार के सीए प्रतीक अग्रवाल से हुई थी। कई दिनों तक साथ में रहने के बाद प्रतीक और दिव्या ने गुपचुप तरीके से मंदिर में जाकर शादी कर ली थी। इसके बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में किराए के मकान में साथ रहने लगे। इससे पहले दोनों भरतपुर, उदयपुर, मथुरा में भी साथ रहे थे। दोनों के बीच विवाद होने पर दिव्या के पिता विनोद मित्तल ने 2015 में हिसार पुलिस को दहेज प्रताड़ना की शिकायत दी थी। विवाद होने के बाद दोनों के बीच में तलाक हो चुका है।

45 साल पहले हरियाणा से झुंझुनूं आया परिवार

दिव्या मित्तल का परिवार मूलत: हरियाणा में चरखीदादरी के पास एक गांव का रहने वाला है। करीब 45 साल पहले परिवार हरियाणा से झुंझुनूं के चिड़ावा में शिफ्ट हो गया था। पिता ने ट्रैक्टर की एजेंसी खोली थी। बाद में एजेंसी बंद कर दी थी। दिव्या दो भाई व तीन बहनों में सबसे छोटी है। एक भाई अभी पिलानी (झुंझुनूं) में बिजनेस कर रहा है। दूसरे भाई का प्रॉपर्टी व माइनिंग का काम है। दिव्या के माता-पिता अभी भी गांव में ही रहते हैं।  

यह भी पढ़ें- Indian Army: भारतीय सेना ने गलवान घाटी में बढ़ाई सुरक्षा, जवानों ने LAC के पास किया सर्वेक्षण; देखें VIDEO

यह भी पढ़ें- UN में भारत ने पाक को फिर लगाई लताड़, कहा- पहले अपनी जनता के लिए रोटी का इंतजाम करो, फिर कश्मीर का सोचना