जयपुर , जागरण संवाददाता। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए भाजपा के तीनों उम्मीदवारों ने सोमवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए । भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव,विधायक किरोड़ी लाल मीणा और मदन लाल सैनी ने विधानसभा सचिवालय में चुनाव अधिकारी अखिल अरोड़ा के समक्ष नामांकन पत्र पेश किए ।

राज्य विधानसभा में भाजपा के संख्या बल को देखते हुए कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में किसी प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा । चुनाव 23 मार्च को होना है । नामांकन पत्रों की जांच के साथ ही भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है । इन तीनों के चुने जाने के बाद राज्य से राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर भाजपा का कब्जा हो जाएगा,ऐसा पहली बार हो रहा है भाजपा उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र पेश करते समय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी,राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्य और पार्टी विधायक मौजूद थे ।

राज्यसभा की तीनों सीटों के लिए नामों का चयन करते समय भाजपा ने आगामी 8 माह बाद होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिहाज से जातीय समीकरणों को पूरी तरह से साधने की कोशिश की है । भूपेन्द्र यादव भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री है । हाल ही में सम्पन्न् यादव बाहुल्य अलवर संसदीय सीट के उप चुनाव में भाजपा उम्मीदवार की करीब 2 लाख वोटों से हार के बाद भूपेन्द्र यादव को राज्यसभा में भेजकर पार्टी ने यादव मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है ।

भाजपा आलाकमान के पसंदीदा एवं चुनावी रणनीति में माहिर माने जाने वाले यादव ने अधिकांश राज्यों के विधानसभा चुनाव में प्रभारी की भूमिका निभाई है । राजपा की प्रदेश इकाई का दो तीहाई बहुमत से रविवार को विलय करने वाले डॉ.किरोड़ी लाल मीणा को राज्यसभा में भेजकर भाजपा ने आधा दर्जन जिलों की करीब 45 विधानसभा सीटों को साधने का प्रयास किया है । इन सीटों पर किरोड़ी लाल मीणा का प्रभाव है । करीब 10 वर्ष पूर्व भाजपा से अलग होकर राजपा में शामिल होने वाले किरोड़ी लाल मीणा ने पिछले विधानसभा चुनाव में 60 सीटों पर राजपा के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाया था ।

इनमें 4 सीटों पर तो राजपा प्रत्याशी जीते और 35 सीटों पर राजपा प्रत्याशियों ने 5 से 40 हजार तक वोट लिए । गुर्जर समाज के नेता सचिन पायलट के पीसीसी अध्यक्ष होने के कारण गुर्जर समाज का कांग्रेस की ओर झुकाव देखते हुए भी मीणा समाज को भाजपा से जोड़ने के लिए किरोड़ी लाल मीणा को पार्टी में शामिल कर राज्यसभा में भेजना महत्वपूर्ण माना जा रहा है ।तीसरे उम्मीदवार मदनलाल सैनी का नाम तय करने का मकसद कार्यकर्ताओं और संघ के स्वयंसेवकों में संदेश देने का रहा है । सैनी आएसएस के पुराने स्वयंसेवक होने के साथ ही दो बार झुंझुंनू लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके और एक बार विधायक भी रहे हैं ।

वोटों का गणित

200 सदस्यीय विधानसभा में 159 विधायक भाजपा के थे और राजपा के तीन विधायकों कें शामिल होने के बाद कुल भाजपा विधायकों की कुल संख्या 162 हो गई । वर्तमान में कांग्रेस के 24,बसपा के 2,राजपा के 1 और शेष निर्दलिय विधायक है । विधानसभा में भाजपा के संख्याबल को देखते हुए ही कांग्रेस ने किसी नेत को राज्यसभा चुनाव के मैदान में नहीं उतारा ।  

By Preeti jha