राज्य ब्यूरो, जयपुर। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राजस्थान की राजनीति में अपनी सक्रियता बढाने के संकेत दे रही है। वे पार्टी के जिला अध्यक्षों और जमीनी कार्यकर्ताओ से सम्पर्क कर रही है, वहीं हाल में उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति भैंरों सिंह शेखावत के दामाद और मौजूदा विधायक नरपत सिंह राजवी से भी मुलाकात की। विधानसभा चुनाव में हार के बाद वसुंधरा राजे लोकसभा चुनाव तक तो काफी हद तक सक्रिय रही, लेकिन इसके बाद उनकी सक्रियता राजस्थान में कम हो गई।

हाल में कोरोना संकट के समय भी वे लखनऊ में फंस गई थी और लाकडाउन खुलने के बाद ही वहां से राजस्थान लौट पाई। हालांकि इस दौरान उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्षों और जिलास्तरीय कार्यकर्ताओं से फोन पर सम्पर्क बनाए रखा और उनकी कुशलक्षेम पूछने के साथ ही यह फीडबैक भी लेती रही कि कोरोना संकट के समय जिलास्तर पर क्या काम किए गए और लोगों की किस तरह से सहायता की गई। अब हाल में उन्होंने विधायक नरपत सिंह राजवी से मुलाकात की है। राजवी उन नेताओं में रहे है, जिनके सम्बन्ध राजे से बहुत सहज नहीं  रहे। वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में राजवी मंत्री थे, लेकिन उन्हें विरोधी गुट में माना जाता था। दूसरे कार्यकाल में उन्हें मंत्री बनाया ही नहीं गया। 

सूत्रों के अनुसार 19 जून को राज्यसभा चुनाव के दिन राजे और राजवी के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है। इसके साथ ही 20 जून को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की वर्चुअल रैली में भी राजे मौजूद रहीं और रैली को सम्बोधित भी किया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह वह समय है जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया अपनी नई टीम की घोषणा करने वाले हैं और ऐसे समय में राजे भी अपनी सक्रियता बढाने के संकेत दे रही है। ऐसे में आने वाले समय में कुछ नए समीकरण देखने को मिल सकते है।

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