जयपुर, जेएनएन। राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस बार जलसंकट का सामना करने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारियों को बीसलपुर बांध के पानी का अभी से सावधानी से इस्तेमाल करने का सबक दे दिया है। अगले दो वर्ष तक इस पानी का सही ढंग से इस्तेमाल करने के लिए विभाग ने अभी से योजना बनानी शुरू कर दी है और पानी का वाष्पीकरण रोकने से लेकर आपूर्ति के सिस्टम में सुधार और भविष्य की जरूरत के लिए करीब 1100 करोड़ की योजना बनाने के उपाय किए जा रहे हैं।

पिछली बार की कम बारिश के कारण राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक जिले को पानी की आपूर्ति करने वाला बीसलपुर बांध इस बार बारिश से पहले सूख गया था। इसके चलते जयपुर में इस बार मंत्रियों के बंगलों तक में पेयजल आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी थी। अजमेर में 72 घंटे यानी तीन दिन में एक बार पानी दिया जा रहा था।

पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए 322 करोड़ की आपात योजना तैयार की गई थी, लेकिन समय पर बारिश होने से बीसलपुर बांध पूरा भर गया। अभी दो दिन से यहां के दो गेट खोलकर पानी निकालना पड़ रहा है। इस बार आए जलसंकट के कारण अब जलदाय विभाग पानी का मितव्ययता के साथ उपयोग करने की योजना बना रहा है। विभाग के प्रमुख शासन सचिव संदीप वर्मा ने अधिकारियों से कहा है कि जयपुर शहर और अजमेर के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाएं।

उन्होंने सितंबर 2019 से अगस्त 2020 यानी एक वर्ष तक शहर व ग्रामीण इलाकेमें हर माह पानी की मांग और आपूर्ति की योजना तैयार करने को कहा है। जयपुर और अजमेर में एक सितंबर से पेयजल आपूर्ति की नई योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। बीसलपुर बांध गत 16 वर्षो में सिर्फ पांच बार (वर्ष 2004, 2006, 2014, 2016 एवं 2019 में) पूरा भरा है और विभाग का मानना है कि यही ट्रेंड रहा तो अगले वर्ष फिर कम पानी आएगा।

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Posted By: Sachin Mishra

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