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जागरण संवाददाता, जयपुर। देश में कोचिंग हब के रूप में प्रसिद्ध राजस्थान के कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स की आत्महत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। केंद्र व राज्य सरकार के स्तर पर स्टूडेंट्स की आत्हत्याओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए काफी प्रयास किए गए। लेकिन आत्महत्याओं पर रोक नहीं लग सकी है। सोमवार देर शाम कोटा में एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाली छात्रा श्वेता बिहार के मधुबनी की रहने वाली थी। वह कोटा के महावीर नगर में किराये का कमरा लेकर अपनी मां के साथ रह रही थी।

श्वेता यहां एलन कोचिंग संस्थान में मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रही थी। सोमवार शाम जब उसकी मां सीता देवी बाजार गई तो उसने पीछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मां वापस आई तो श्वेता पंखे से फांसी का फंदा लगाकर लटकी हुई मिली। इस पर मां के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया। जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। श्वेता की मां ने बताया कि उसे किसी प्रकार की टेंशन नहीं थी। उसने आत्महत्या क्यों की फिलहाल पुलिस इसकी जांच में जुटी है।

कोटा में पिछले आठ माह में अब तक 17 स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की है। यहां कोचिंग स्टूडेंट्स की आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकार के स्तर पर काफी प्रयास किए गए हैं। तत्कालीन राज्यपाल कल्याण सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निर्देश पर कोटा जिला कलेक्टर व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों के प्रबंधकों एवं अभिभावकों की बैठक लेकर बच्चों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने मानसिक दबाव नहीं डालने को लेकर चर्चा की थी। 

Posted By: Sachin Mishra

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