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भिवाड़ी की अवैध पटाखा फैक्ट्री का मालिक दिल्ली से गिरफ्तार, रिमांड पर भेजा गया; 7 मजदूरों के शव स्वजन को सौंपे गए

Published: Sat, 21 Feb 2026 10:30 PM (IST)

भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाके के मामले में पुलिस ने मुख्य संचालक हेमंत सचदेवा को ...और पढ़ें

अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित करने का मुख्य आरोपित हेमंत सचदेवा पुलिस गिरफ्त में। (जागरण)

अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित करने का मुख्य आरोपित हेमंत सचदेवा पुलिस गिरफ्त में। (जागरण)

HighLights

  1. अवैध पटाखा फैक्ट्री का मुख्य संचालक दिल्ली से गिरफ्तार।

  2. धमाके में सात श्रमिकों की मौत, शव परिजनों को सौंपे।

  3. पटाखा रसायन चीन से आयात, 410 कंपनियों को नोटिस।

संवाद सहयोगी, भिवाड़ी। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रही पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के मामले में पुलिस ने एक और आरोपित हेमंत सचदेवा को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।

इस फैक्ट्री को हेमंत शर्मा और हेमंत सचदेवा दोनों मिलकर चला रहे थे। दो आरोपित हेमंत शर्मा व अभिनंदन तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिनका तीन दिन रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही थी।

दोनों आरोपितों की रिमांड अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई थी। इसलिए शनिवार को तीनों आरोपितों को तिजारा कोर्ट में पेश कर पांच दिन रिमांड पर लिया गया है।

खैरथल तिजारा एसपी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्य संचालक हेमंत सचदेवा ने पूछताछ में बताया कि पटाखा निर्माण के लिए आवश्यक रसायन और अन्य सामग्री चीन से मंगाई जाती थी, जबकि शेष सामग्री स्थानीय बाजार से खरीदी जाती थी। इसका पता चलने के बाद जांच एजेंसियां आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय लेनदेन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका खंगाल रही हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपित से पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। आरोपित ने कुछ अन्य व्यक्तियों और प्लाट्स के बारे में भी जानकारी दी है, जिनकी जांच की जा रही है। दोनों मामलों की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है और साक्ष्य के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि गत 16 फरवरी को अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद लगी में आग में जलने से सात श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि चार श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे। ये सभी बिहार में पूर्वी चंपारण के मोतिहारी के रहने वाले थे।

डीएनए मिलान के बाद सातों श्रमिकों के शव स्वजन को सौंपे, 14 वर्षीय नाबालिग भी शामिल

खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में सात श्रमिकों की जलने से मौत के पांच दिन बाद शनिवार को डीएनए मिलान होने पर प्रशासन ने सभी शव उनके स्वजन को सौंप दिए।

स्वजन एंबुलेंस से शव लेकर अपने पैतृक गांवों के लिए रवाना हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में पूर्वी चंपारण जिले के मिंटू कुमार, सुजंत कुमार, श्यामसुंदर, अभिषेक कुमार, अमरेश कुमार, रवि कुमार और 14 वर्षीय नाबालिग मंटू कुमार शामिल हैं।
16 फरवरी को खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में एक नाबालिग सहित सात श्रमिकों की मौत हो गई थी।

शव बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया गया। 17 फरवरी को स्वजन के सैंपल लेकर उन्हें राजस्थान राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था, लेकिन प्रारंभिक मिलान नहीं हो सका।

इसके बाद गुरुवार को दोबारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। शनिवार शाम रिपोर्ट आने के बाद शवों का मिलान सुनिश्चित हुआ और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान शव टपूकड़ा स्थित अस्पताल के शवगृह में रखवाए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विजिलेंस टीम ने जांच शुरू कर दी है। जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, उसके संबंध में सामने आया है कि वह डीएसटी हेड के हेड कांस्टेबल योगेश के भाई हेमंत शर्मा द्वारा संचालित की जा रही थी।

फैक्ट्री के रेंट एग्रीमेंट सामने आने के बाद यह पर्दाफाश हुआ। गंभीर मामलों में डीएनए रिपोर्ट तीन से पांच दिन में मिलती है लेकिन सामान्य परिस्थितियों में ज्यादा समय लग सकता है।

इस मामले में सरकार ने जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। इसी वजह से पहले सैंपल की रिपोर्ट का सही मिलान नहीं होने पर तत्काल दोबारा सैंपल लिया गया और रिपोर्ट आने के बाद शव स्वजन को सौंप दिए गए।

भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 410 कंपनियों को नोटिस जारी

खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित रीको भूखंड में स्थित फैक्ट्री में हुई घटना के बाद जिला प्रशासन औद्योगिक इकाइयों की जांच कर रहा है। जिला कलक्टर खैरथल-तिजारा डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार गठित संयुक्त जांच समिति भिवाड़ी एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों का निरीक्षण कर रही हैं।

अतिरिक्त जिला कलक्टर भिवाड़ी सुमित्रा मिश्र ने बताया कि 17 फरवरी से 19 फरवरी तक विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।

इस दौरान रीको प्रथम इकाई द्वारा 428 कंपनियों, रीको द्वितीय इकाई द्वारा 355 कंपनियों, फैक्ट्री एवं बायलर्स विभाग द्वारा 75 कंपनियों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा 250 कंपनियों, श्रम विभाग द्वारा 50 कंपनियों और नगर परिषद भिवाड़ी द्वारा 148 कंपनियों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान 410 कंपनियों में विभिन्न विभागीय मानकों एवं नियमों का पूर्ण पालन नहीं पाए जाने पर संबंधित विभागों द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। इन कंपनियों को निर्धारित समयावधि में आवश्यक सुधार एवं अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।

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